कश्मीर पर फैसले के बाद उत्तराखंड में अलर्ट, सड़कों पर उतरी पुलिस, गृह विभाग लेता रहा रिपोर्ट
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मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा के बाद राजधानी और प्रदेश के अन्य जनपदों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। विरोध की आशंका के मद्देनजर सोमवार को पुलिस सड़कों पर दौड़ती रही।
खासतौर से कश्मीरी छात्रों की गतिविधियों पर खुफिया तंत्र की नजर रही। सेशन स्टार्ट न होने के कारण अधिकांश कश्मीर छात्र अपने घरों पर थे। उधर गृह विभाग हर घंटे के बाद हालातों को लेकर रिपोर्ट लेता रहा।
गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की घोषणा के बाद गृह विभाग ने प्रदेश भर में अलर्ट जारी कर दिया। खासतौर से देहरादून में विरोध की आशंका के चलते अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। राजधानी क्षेत्र में कश्मीरी छात्र-छात्राएं काफी संख्या में अध्ययनरत है। अलर्ट के तुरंत बाद एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने एसपी सिटी श्वेता चौबे और पुलिस उपाधीक्षकों के साथ बैठक की।
उन्होंने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करने के निर्देश दिए। एसपी सिटी चौबे ने सीओ सिटी शेखर सुयाल, सीओ विकास नगर भूपेन्द्र धोनी और प्रेमनगर एसओ नरेन्द्र गहलावत के साथ उन शिक्षण संस्थानों के संचालकों से संपर्क किया, जहां कश्मीरी छात्र अध्ययनरत है। पता चला कि एडमीशन सीजन है।
हरिद्वार, रुड़की और उधमसिंह नगर में भी अलर्ट
केंद्र सरकार के बड़े कदम उठाए जाने के बाद जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बिलकुल भी लापरवाही न बरतने देने के निर्देश दिए हैं।
विशेषकर कश्मीरी छात्रों, परिवारों की सुरक्षा को लेकर सजग रहने की हिदायत दी है। साथ ही अधीनस्थों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। खासकर जिले की सीमाओं और अपने-अपने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को केंद्र सरकार के जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की सिफारिश कर राज्य का विभाजन करने को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। हरिद्वार जिले में भी इस कदम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी राजपत्रित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहे और एसओ इंस्पेक्टरों से संपर्क बनाए रखे।
कहा कि जिले में पूरी तरह स्थिति सामान्य है, फिर भी चौकसी बरती जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों पर सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि जिले में जितने भी कश्मीरी छात्र या कश्मीरी परिवार रह रहे हैं उन्हें भी कोई परेशानी नहीं है। खुफिया विभाग उनके संपर्क में लगातार बना हुआ है। वहीं ऊधमसिंह नगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पर नजर
अनुच्छेद 370 हटाने की सिफारिश के बाद जिले की पुलिस और खुफिया विभाग सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं से लेकर जश्न पर पैनी नजर रख रहे हैं। इस दौरान कोई विवाद न हो या कोई भड़काऊ टिप्पणी सोशल मीडिया पर डालने वालों पर खुफिया विभाग की कड़ी नजर है। व्हाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक पर आमजन के बीच क्या प्रतिक्रियाएं हैं, इसकी भी जानकारी खुफिया विभाग ले रहा है। साथ ही अगर कोई माहौल खराब करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं। पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है।
कश्मीरी जायरीनों की संख्या में गिरावट
पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच यहां आने वाले कश्मीरी जायरीनों की संख्या में भारी कमी देखी जा सकती है। जम्मू कश्मीर से भी पिरान कलियर में साबिर पाक की जियारत के लिए भारी संख्या में जायरीन आते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनकी संख्या में गिरावट आई है। उधर, सोमवार को अनुच्छेद 370 हटाने की सिफारिश के बाद कलियर थाना क्षेत्र में पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया। खुफिया विभाग क्षेत्र के कॉलेजों में कश्मीरी छात्रों और अन्य कश्मीरी लोगों की जानकारी जुटाता रहा।