फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   PM Modi cabinet expansion: MP Ajay Bhatt got reward of waiting for two years

उत्तराखंड: अजय को मिला दो साल इंतजार का फल, भाजपा की कुमाऊं में 29 सीटों पर नजर

Thu, 08 Jul 2021 02:22 AM IST
अलका त्यागी चंदन बंगारी, अमर उजाला, रुद्रपुर
चंदन बंगारी, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 08 Jul 2021 02:22 AM IST
सार

भाजपा संगठन ने अजय को मंत्री बनाकर देर से सही उनकी मेहनत का फल दिया है, वहीं उनके बहाने कुमाऊं की 29 सीटों पर फतह की तैयारियों को लेकर बनाई योजना की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।

विज्ञापन
PM Modi cabinet expansion: MP Ajay Bhatt got reward of waiting for two years
अजय भट्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा बेहद सधी रणनीति के तहत बड़े कदम उठा रही है। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने के बाद अब भाजपा ने फिर से चौंकाते हुए सांसद अजय भट्ट को दो साल के इंतजार के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी है।

विज्ञापन


कुमाऊं से ही क्षत्रिय मुख्यमंत्री और यहीं से अजय भट्ट को केंद्र में मंत्री बनाकर ठाकुर के साथ ब्राह्मण वोटों को भी साधने की कोशिश की गई है। इन दो बड़े निर्णयों को विपक्षी कांग्रेस की घेराबंदी के रूप में भी देखा जा रहा है।
विज्ञापन


वर्ष 2017 के चुनाव में रानीखेत सीट से अजय भट्ट को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तत्कालीन सांसद भगत सिंह कोश्यारी की जगह तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से मैदान में उतारकर प्रदेश की बजाय केंद्र की राजनीति में सक्रिय करने का संदेश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रिमंडल विस्तारः पीएम मोदी की कैबिनेट में राज्य मंत्री बने सांसद अजय भट्ट, जानें उनके बारे में खास बातें...

अजय का मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से था। चुनाव के समय प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा संभाल रहे भट्ट के सामने खुद के अलावा प्रदेश की चार अन्य सीटों में जीत दर्ज कराने की दोहरी जिम्मेदारी थी। उनकी संगठन क्षमता के साथ ही सियासी साख की भी परीक्षा थी। अजय ने न सिर्फ  हरदा को रिकॉर्ड 3 लाख 39 हजार 96 वोटों से शिकस्त दी बल्कि चार अन्य सीटों में मिली जीत से मजबूत संगठन क्षमता का परिचय दिया था।

संगठन और सियासी कद ऊंचा होने पर अजय केंद्र में उत्तराखंड कोटे से मंत्री पद की जगह पाने की दौड़ में शामिल थे। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। इसी को देखते हुए अजय भट्ट को जगह मिलने की उम्मीद थी मगर बाजी डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक मार ले गए थे और भट्ट को मन मसोसकर रहना पड़ा था।

इधर प्रदेश की सियासत में बड़ा बदलाव हुआ और भाजपा ने तीरथ सिंह रावत को हटाकर युवा चेहरे पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाकर कुमाऊं को साधने की दिशा में कदम बढ़ाया था। ठाकुर चेहरे धामी को प्रदेश की सत्ता सौंपने के बाद भाजपा ने अब अजय भट्ट को केंद्र में मंत्री बनाकर कुमाऊं को प्रतिनिधित्व देने के साथ ही ब्राह्मण वोटरों को लुभाने की कोशिश की है। चुनाव में कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्टार प्रचारक होंगे।

हरदा का कुमाऊं में गढ़वाल की अपेक्षा ज्यादा प्रभाव है। अजय भट्ट भी तेजतर्रार नेता माने जाते हैं। भाजपा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और केंद्र में मंत्री बने अजय भट्ट के सहारे हरदा और कांग्रेस के हमलों का आक्रामक जवाब दगी। सांसद भट्ट को मिली जिम्मेदारी इसी रूप में देखी जा रही है।

60 प्लस के संकल्प के साथ बढ़ रहे कदम
भाजपा ने जून के आखिरी हफ्ते में रामनगर में तीन दिन तक चिंतन बैठक कर सत्ता में 60 से अधिक सीटों के साथ कब्जा बरक़रार रखने के लिए मंथन किया था। इस मंथन के बाद मुख्यमंत्री बदल दिए गए और केंद्र सरकार में भी निशंक की जगह उत्तराखंड से अजय भट्ट ने ले ली। भाजपा वर्तमान में कुमाऊं में 23 और गढ़वाल में 33 सीटों पर काबिज है। उसकी कोशिश है कि 60 से अधिक सीटें जीती जाएं और इसको लेकर चौंकाने वाले निर्णय लेने से पार्टी पीछे नहीं हट रही है।

भट्ट खेमे को दी खुशी
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे लेकिन उनकी हार ने खुद के साथ ही समर्थकों को निराश किया था। लेकिन सांसद बनने के बाद उनको केंद्र में जगह मिलने को लेकर भी उनके समर्थकों में बेहद उत्साह था। लेकिन वहां से मायूसी हाथ लगी थी। प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान भट्ट का कार्यकर्ताओं से मजबूत संवाद  रहा था। दो साल बाद जब केंद्र में भट्ट को जिम्मेदारी मिली तो समर्थक खासे उत्साहित हैं।

भट्ट से कुमाऊं को बड़ी उम्मीदें
अजय भट्ट नैनीताल-ऊधमसिंह नगर का संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके केंद्र में मंत्री बनने के बाद न सिर्फ  संसदीय क्षेत्र बल्कि उत्तराखंड के लिए बड़ी सौगातें मिलने की उम्मीद बंधी है। पिछले हफ्ते संसदीय सीट के हिस्से खटीमा से विधायक पुष्कर धामी मुख्यमंत्री बने हैं और अब सांसद भट्ट को जिम्मेदारी मिलने से कुमाऊं में विकास कार्यों की रफ्तार में तेजी आने के साथ ही बड़ी परियोजनाएं कुमाऊं के खाते में आ सकती हैं।

पलायन सहित अन्य मुद्दे संसद में मुखरता से उठाए
अजय भट्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश की सत्ता के साथ ही पांच संसदीय सीटों पर विजय हासिल की थी। समय-समय पर उनको बड़ी जिम्मेदारी मिलने की खबरें आती जाती रहीं। इधर दो सालों से दरमियान संसद में अजय प्रदेश के ज्वलंत सवालों को बेहद मुखरता से उठाते रहे। इनमें पलायन, वन्यजीवों से नुकसान, जमरानी बांध, नानकमत्ता गुरुद्वारा क्षेत्र को विकसित करने, काशीपुर फ्लाईओवर निर्माण ने देरी सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं। सांसद कोरोना काल में भी बेहद सक्रिय रहे थे। उनकी सक्रियता, मुद्दों को लेकर संसद में मुखरता ने भी मंत्री बनने की राह को आसान कर दिया।

अजय भट्ट को पसंद है तोरई और लौकी की सब्जी 

सांसद अजय भट्ट को सादा भोजन पसंद हैं। उनकी पत्नी एडवोकेट पुष्पा भट्ट का कहना है कि उन्हें तोरई, लौकी की सब्जी और मूंग की दाल काफी पसंद हैं। पहाड़ में उनका मन बसता है। सादगी के साथ रहते हुए वह लोगों की समस्याओं के प्रति हमेशा चिंतित रहते हैं। 
 

पुष्पा भट्ट ने दूरभाष पर बताया कि बुधवार को वह कोर्ट के कार्यों में व्यस्त थीं। पति को केंद्र में मंत्री बनाए जाने की जानकारी उन्हें टीवी चैनलों से मिली। मंत्री बनाए जाने के लिए वह सबसे पहले भगवान का धन्यवाद करती हैं। फिर पार्टी आलाकमान और जनता का धन्यवाद, जिन्होंने उनके पति के कार्यों का मूल्यांकन किया।

पुष्पा भट्ट ने बताया कि जनता और पार्टी के कार्यों में व्यस्त होने के कारण उनके पति को बच्चों की देखभाल के लिए कम समय मिलता है। वह बच्चों की देखरेख के साथ कोर्ट के मुकदमे भी देखती हैं। मंत्री बनाए जाने की जानकारी मिलने पर वह देहरादून चली गईं। उसके बाद दिल्ली जाएंगी।

पुष्पा भट्ट का कहना था कि उनकी बड़ी बेटी मेघा की शादी हो चुकी हैं। दूसरी बेटी स्नेहा जॉब कर रही हैं। छोटी बेटी सुनिति सुप्रीम कोर्ट मे प्रैक्टिस करती हैं। बेटा दिग्विजय भट्ट रुद्रपुर से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चे अभी दिल्ली में हैं। पिता के मंत्री बनने पर बच्चे भी काफी खुश हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed