फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Players in state are ignored even after getting Arjuna Award players raised questions Uttarakhand news

Uttarakhand Sports: अर्जुन अवॉर्ड मिलने पर भी राज्य में अनदेखी, अंतरराष्ट्रीय नौकायन खिलाड़ियों ने उठाए सवाल

Mon, 27 Mar 2023 12:33 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 27 Mar 2023 12:33 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिले के पाण्डे गांव निवासी सुरेंद्र सिंह वल्दिया और चमोली जिले के कोलसो गांव निवासी सुरेंद्र सिंह कनवासी के मुताबिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला, लेकिन राज्य खेल पुरस्कार न मिलने से उन्हें निराश होना पड़ा है।

विज्ञापन
Players in state are ignored even after getting Arjuna Award players raised questions Uttarakhand news
बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ियों ने राज्य खेल पुरस्कारों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति के हाथों उन्हें सर्वोच्च अर्जुन पुरस्कार मिला पर, राज्य खेल पुरस्कारों में उनकी लगातार अनदेखी हुई है।

विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय नौकायन खिलाड़ी रहे पिथौरागढ़ जिले के पाण्डे गांव निवासी सुरेंद्र सिंह वल्दिया और चमोली जिले के कोलसो गांव निवासी सुरेंद्र सिंह कनवासी के मुताबिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला, लेकिन राज्य खेल पुरस्कार न मिलने से उन्हें निराश होना पड़ा है।

विज्ञापन


ओलंपिक, एशियार्ड वाले को प्राथमिकता दी जाती
वल्दिया बताते हैं कि राज्य खेल पुरस्कारों के लिए वह लगातार आवेदन करते आ रहे हैं, इसके बाद भी उनका सूची में नाम नही हैं। नौकायन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे सुरेंद्र सिंह कनवासी बताते हैं कि राज्य खेल पुरस्कारों में यह नहीं देखा जा रहा है कि उत्तराखंड के लिए किसने क्या किया। हालांकि राज्य खेल पुरस्कार के लिए विभाग की ओर से मानक बनाया गया है, जिसमें ओलंपिक, एशियार्ड वाले को प्राथमिकता दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुरस्कार के लिए ऐसे व्यक्ति को वरियता दी जा रही है जिसने एशियन भी नहीं खेला। हम दोनों अर्जुन अवार्डी कई बार राज्य खेल पुरस्कार के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन राज्य खेल पुरस्कार के लिए उनका नाम नहीं आया। कनवासी बताते हैं कि हर बार नाम न आने से वह थक चुके हैं, यहीं वजह है कि उन्होंने बाद में आवेदन करना भी छोड़ दिया।

राष्ट्रीय रोइंग में 12 और अंतरराष्ट्रीय में सात पदक जीत चुके हैं वल्दिया

पिथौरागढ़ के सुरेंद्र सिंह वल्दिया रोइंग में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सात और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीत चुके हैं। खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते 1996 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। वल्दिया ने वर्ष 2021 में राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें कोई पुरस्कार नहीं मिला। वे बताते हैं इससे पहले भी कई बार आवेदन कर चुके हैं।

कनवासी को वर्ष 2001 में मिला अर्जुन पुरस्कार

चमोली जिले के सुरेंद्र सिंह कनवासी को वर्ष 2001 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रोइंग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुके हैं। कनवासी बताते हैं, राज्य खेल पुरस्कार के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन पुरस्कार नहीं मिला तो आवेदन करना ही छोड़ दिया।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: खालिस्तानी आतंकवादी ने मुख्यमंत्री धामी को कॉल पर दी धमकी, पुलिस की बढ़ी टेंशन- जानिए क्या बोला

राज्य खेल पुरस्कार देने में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। अंकों के हिसाब से पुरस्कार दिए गए हैं, इसमें कोई फेरबदल नहीं कर सकता है। सबसे अधिक अंक जिसे मिले उसे राज्य पुरस्कार दिया गया है। हो सकता है इन लोगों ने पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं किया होगा, मामले को दिखवाया जाएगा। - जितेंद्र सोनकर, अपर सचिव व निदेशक खेल

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed