{"_id":"615e01148ebc3e628c15dda0","slug":"plastic-is-also-destroying-marine-biodiversity-dehradun-news-drn3926477132","type":"story","status":"publish","title_hn":"समुद्री जैव विविधता को भी तहस-नहस कर रहा प्लास्टिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समुद्री जैव विविधता को भी तहस-नहस कर रहा प्लास्टिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत बुधवार को वन अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जतायी।
वक्ताओं ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक ना सिर्फ इंसानों, जानवरों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, वरन समुद्र की जैव विविधता को भी तहत कर रहा है। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनीत कुमार ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक और प्लास्टिक से बनने वाले उत्पादों से जहरीले रसायन निकलते हैं। इनका सीधा असर इंसानों और जानवरों के साथ ही पर्यावरण पर पड़ रहा है। डॉ. विनीत कुमार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल की अवधारणा पर जोर दिया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक रोकने को लेकर सभी को जागरूक होना होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के साथ-साथ जल प्रदूषण सहित प्रदूषण के सबसे प्रचलित कारणों में से एक है। यह हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। हमारी दैनिक गतिविधियों में प्लास्टिक ने अपनी गहरी पैठ बना ली है। इससे तौबा करने की जरूरत है। सेमिनार में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चरण सिंह, आरपी सिंह, रिचा मिश्रा समेत कई वैज्ञानिकों ने संबोधित किया।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक ना सिर्फ इंसानों, जानवरों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, वरन समुद्र की जैव विविधता को भी तहत कर रहा है। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनीत कुमार ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक और प्लास्टिक से बनने वाले उत्पादों से जहरीले रसायन निकलते हैं। इनका सीधा असर इंसानों और जानवरों के साथ ही पर्यावरण पर पड़ रहा है। डॉ. विनीत कुमार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल की अवधारणा पर जोर दिया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक रोकने को लेकर सभी को जागरूक होना होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के साथ-साथ जल प्रदूषण सहित प्रदूषण के सबसे प्रचलित कारणों में से एक है। यह हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। हमारी दैनिक गतिविधियों में प्लास्टिक ने अपनी गहरी पैठ बना ली है। इससे तौबा करने की जरूरत है। सेमिनार में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चरण सिंह, आरपी सिंह, रिचा मिश्रा समेत कई वैज्ञानिकों ने संबोधित किया।
विज्ञापन