फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   piran kaliyar 5th dham of uttarakhand

उत्तराखंड का ‘पांचवां धाम’, सबने किया 'झूठा' वादा

Sat, 26 Apr 2014 03:52 PM IST
अंकित कुमार गर्ग/अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 26 Apr 2014 03:52 PM IST
विज्ञापन
piran kaliyar 5th dham of uttarakhand

हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक और दुनिया में अमन का पैगाम पहुंचाने वाली पिरान कलियर स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी से लेकर न जाने कितनी शख्सियतों ने मत्था टेका।

विज्ञापन


यहां आकर राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं ने विकास और तरह-तरह के लुभावने वादे तो किए, लेकिन निभाया किसी ने नहीं। न तो कलियर उत्तराखंड का पांचवां धाम बन सका और न ही उर्स को राष्ट्रीय मेले का दर्जा हासिल हो सका।
विज्ञापन


बात सुविधाओं की करें तो उसका दर्जा निम्न स्तर का है। अब मौसम चुनावी है तो दरगाह के धर्मगुरुओं से लेकर यहां की जनता इन वादों का हिसाब मांग रही है।

सोनिया गांधी कर चुकी हैं वादा

piran kaliyar 5th dham of uttarakhand

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जब रुड़की क्षेत्र में आई थीं तो उन्होंने चुनावी घोषणापत्र की शुरुआत में ही पिरान कलियर को उत्तराखंड का पांचवां धाम बनाने और उर्स को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की बात कही थी।

लेकिन समय के साथ सभी घोषणाएं दबती चली गईं। इसके अलावा एनडी तिवारी ने मुख्यमंत्री रहते हुए करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से यहां हज हाउस के निर्माण की नींव रखी थी। लेकिन निर्माण के सात साल बाद भी इसका संचालन नहीं हो सका।

वहीं, 12 वर्ष पूर्व बनाया गया 50 कमरों का गेस्ट हाउस भी खंडहर हालत में पहुंच चुका है। इस पर प्लास्टर तक कराने की जहमत नहीं उठाई जा रही है।

हाईटेक करने की बात कह चुके हैं निशंक

piran kaliyar 5th dham of uttarakhand

भाजपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी क्षेत्र को हाईटेक और सुविधाओं से लैस करने की बात कह चुके हैं, लेकिन हुआ कुछ नहीं।

सांसद रहते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने क्षेत्र की पुरानी गंगनहर को झील के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक तो यह घोषणा हवाई ही साबित हुई है।

दो वर्ष पूर्व राज्य की कमान संभालने के बाद पिरान कलियर पहुंचे तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी दरगाह क्षेत्र में गंगनहर पर दो पुल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।

यही नहीं, जायरीनों के ठहरने की उचित व्यवस्था भी नहीं की जा सकी है। सालाना उर्स में यहां हर साल देश-विदेश से लाखों जायरीन जियारत करने पहुंचते हैं। लेकिन इनके ठहरने के नाम पर मात्र एक मेहमानखाना है।

इसमें भी अधिकतम 500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। बाकी जायरीनों को खुले आसमान में रातें गुजारनी पड़ती है। मुफ्ती शमीम रजा साबरी का कहना है कि जितनी शख्सियतें इस सरजमीं पर पहुंची उनसे बाशिंदों को उम्मीद थी। लेकिन वह पूरी होती नहीं दिख रही है।

विज्ञापन

शख्सियतें जो यहां आई

piran kaliyar 5th dham of uttarakhand
  • - पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी
  • - पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी
  • - पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा
  • - पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद
  • - पूर्व राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला
  • - कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला
  • - केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद
  • - पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर
  • - केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल
  • - फिल्म अभिनेता गोविंदा
  • - भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन
  • - भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी
  • - मुख्यमंत्री हरीश रावत
  • - पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी
  • - पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
  • - पूर्व मुख्यमंत्री यूपी वीर बहादुर सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed