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Pilot Baba: शुरू से ही विवादों में रहा उत्तरकाशी में बाबा का आश्रम, अतिक्रमण पर चली थी जेसीबी

Wed, 21 Aug 2024 04:52 PM IST
अलका त्यागी अजय कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
अजय कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 21 Aug 2024 04:52 PM IST
सार

जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर गंगोत्री हाईवे पर कुमाल्टी गांव के पास भागीरथी नदी के तट पर पायलट बाबा का आश्रम है। इस आश्रम के निर्माण के लिए 16 नाली से ज्यादा सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया गया था।

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Pilot Baba ashram in Uttarkashi was in controversy from very beginning JCB remove encroachment
उत्तरकाशी में पायलट बाबा का आश्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगोत्री हाईवे पर सैंज कुमाल्टी स्थित पायलट बाबा का आश्रम शुरू से विवादित रहा। वर्ष 2011 में इस आश्रम के तत्कालीन मैनेजर ने कुछ स्थानीय पत्रकारों पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसके बाद पत्रकारों ने आश्रम की अवैध गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। पत्रकारों के धरने को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिला। 79 दिन तक चले धरने के बाद जब शासन-प्रशासन पर दबाव बना, तब जाकर आश्रम का अवैध अतिक्रमण ढहाया गया था।

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जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर गंगोत्री हाईवे पर कुमाल्टी गांव के पास भागीरथी नदी के तट पर पायलट बाबा का आश्रम है। इस आश्रम के निर्माण के लिए 16 नाली से ज्यादा सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया गया था। आश्रम में आने वाले विदेशियों का ब्यौरा भी आश्रम प्रबंधन स्थानीय पुलिस को नहीं देता था, जबकि फॉरनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट में विदेशियों की जानकारी फॉर्म-सी के जरिए स्थानीय पुलिस को देनी होती है।
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आश्रम पर बिना अनुमति हेलीपैड निर्माण का आरोप भी लगा। हालांकि ये सब चीजें वर्ष 2009 में सामने आ चुकी थी, लेकिन पायलट बाबा के रसूख के चलते आश्रम पर कार्रवाई नहीं हो रही थी। फिर 15 अगस्त 2011 को कुछ स्थानीय पत्रकारों पर पायलट बाबा आश्रम के तत्कालीन मैनेजर ने जानलेवा हमला किया था, इससे आक्रोशित पत्रकारों ने आश्रम की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कलक्ट्रेट में धरना शुरू किया।
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79 दिन तक चले धरने को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिला। इस बीच दो अप्रवासी भारतीयों के साथ भी आश्रम में बदसलूकी हुई, जिसके बाद उन्होंने आश्रम में रह रही नाबालिग विदेशी लड़कियों व उनकी संदिग्ध गतिविधि के बारे में पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने छापा मारा और आश्रम से नौ विदेशी लड़कियां मिली थी। जिनमें से चार यूक्रेन व चार रूस की थी। लेकिन, आश्रम ने उनके आने की कोई सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी। पत्रकारों के धरने से शुरू हुई मुहिम के बाद 23 दिसंबर 2011 को पायलट बाबा आश्रम का अवैध अतिक्रमण ढहाया गया था।

फिर दोबारा नहीं लौटे पायलट बाबा
आश्रम का अवैध अतिक्रमण ढहाने के बाद पायलट बाबा फिर दोबारा कभी उत्तरकाशी नहीं आए। जबकि उससे पूर्व तक उनका यहां नियमित रूप से आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने एक बार यहां अभिनेत्री हेमा मालिनी का शास्त्रीय नृत्य का कार्यक्रम भी आयोजित करवाया था, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी थी।

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