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उत्तराखंड: देर रात से बंद यमुनोत्री हाईवे खुला, जेसीबी नहीं पहुंची तो यात्रियों ने खुद ही हटाए पत्थर

Wed, 26 Sep 2018 10:04 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 26 Sep 2018 10:04 AM IST
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Pilgrims clear stones from yamunotri highway after debris
yamunotri highway

मंगलवार देर रात बारिश के कारण मलबा आने से बंद पड़ा यमुनोत्री हाईवे सुबह नौ बजे खुला। रास्ता बंद होने से यात्री इधर-उधर भटकते रहे। काफी इंतजार के बाद भी जब मशीन नहीं पहुंची तो यात्रियों ने खुद ही पत्थर हटाकर रास्ता बनाना शुरू कर दिया। हालांकि इसके बाद जेसीबी पहुंची और रास्ता दुरुस्त किया गया। 

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बता दें कि, यमुनोत्री हाईवे डामटा के पास मंगलवार शाम को भी पांच घंटे तक बंद रहा। इस दौरान यात्रियो के साथ स्थानीय लोग भी भी परेशान रहे। नेटवर्क न होने के कारण सूचना मिलने मे देरी के कारण मशीने दो घंटे बाद पहुंची। हाईवे बंद मे फंसे बिरेद्र पयाल ने बताया कि मलवा आने से हाईवे काफी देर तक बंद रहा। जिसे नौ बजे रात को दो दो मशीने लगाकर खोला गया।
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वहीं, बदरीनाथ हाईवे भी अब सुचारू हो गया है। जिसके बाद बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू हो गई है। लामबगड़ में सोमवार देर शाम को बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे खोल दिया गया। हाईवे खुलने के बाद 1332 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे, जबकि 565 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर गंतव्य को लौटे। 

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250 से अधिक परिवारों को खतरा

थराली तहसील के कुलसारी गांव के पास पिंडर नदी में जमा सिल्ट नदी के दोनों किनारों पर बसे पांच से अधिक गांवों के लिए खतरा बनी है। यही नहीं नदी किनारे की करीब 200 हेक्टेयर भूमि भी खतरे की जद में है।

कुलसारी गांव के ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर गांव की सुरक्षा को देखते हुए सिल्ट हटाने की मांग की। महिला मंगल दल अध्यक्ष हेमा डिमरी, खिलाफ सिंह, श्याम राम, गुड्डू राम, कैलाश डिमरी, हरीश सिंह आदि ने कहा कि कुलसारी गांव के मल्ला बगड़ में पिंडर नदी में रेत और पत्थरों के जमा होने से नदी का रुख गांव की ओर हो गया है।

रमेश थपलियाल ने बताया पिंडर नदी किनारे लमकुड़ी से मल्तूरा और सुनाऊं तल्ला सहित नदी के दोनों किनारों पर बसे पांच से अधिक गांवों की 200 हेक्टेयर कृषि भूमि खतरे की जद में आ गई है और 250 से अधिक परिवार खतरे में हैं। तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि कुलसारी में पिंडर नदी में जमा सिल्ट को जल्द दिखवाया जाएगा।

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