बुद्घ पूर्णिमा पर श्रद्घालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, जानिए, शास्त्रों में इसका महत्व
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बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान लोगों ने दान आदि भी किया।
बैसाख मास समापन और बुध पूर्णिमा का स्नान के लिए देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक रोज पहले ही हरिद्वार पहुंच गए थे। इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार कूर्म की जयंती भी मनाई जाएगी। स्नान का मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक निकाला गया है।
वैशाख पूर्णिमा पर एक महीने से चल रहे बैसाख स्नान एवं पांच दिनों से चल रही गंगा पंच स्नानी का भी समापन हो जाएगा। गंगा स्नान के लिए राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और पंजाब से भारी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। अन्य राज्यों से भी आगमन जारी रहा।
गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने यथोचित स्थलों पर जाकर बैसाख महात्म्य सुना और दान पुण्य किया। इसी दिन विष्णु के कूर्मावतार की जयंती भी विष्णु मंदिरों में मनाई जाती है।
जानिए, शास्त्रों में इसका महत्व
शास्त्रों में पूरे बैशाख माह में गंगा स्नान को अधिक फलदायी बताया गया है। क्योंकि बैसाख माह की पूर्णिमा को ही भगवान बुद्ध का जन्म भी हुआ था। इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। इसी के चलते श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, राम घाट, बिरला घाट, प्रेमनगर घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर सुबह से ही स्नान करना आरंभ कर दिया था।
स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्ध्य देकर घर परिवार में खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं ने दान में दक्षिणा, वस्त्र व अन्य वस्तुएं भी प्रदान की।
ऐसे करें पूजा
ज्योतिषाचार्य पंडित शक्तिधर शास्त्री ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा करने के लिए सबसे पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी से भरा पात्र रखें। इसके साथ ही तिल और चीनी भी रखें। फिर तिल के तेल से दीपक जलाएं और भगवान की पूजा करें। इस दिन बोधिवृक्ष की पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं को रंगीन पताकाओं और हार से सजाएं।
साथ ही इस वृक्ष की जड़ो में दूध और सुगंधित जल डालें। इस दिन भूलकर भी मांसाहार का सेवन न करें, क्योंकि गौतम बुद्ध पशु हिंसा के विरोधी थे। हिन्दू धर्मावलम्बियों का मानना है कि महात्मा बुद्ध विष्णु भगवान के नौवे अवतार हैं। अत: इस दिन को हिन्दुओं में पवित्र दिन माना जाता है और इसलिए इस दिन विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। बताया कि पूर्णिमा को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होता है और चन्द्रमा भी अपनी उच्च राशि तुला में होता है।
सुरक्षा है चाकचौबंद
हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों पर स्नान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किया गए है। जगह जगह तैनात पुलिसकर्मी संदिग्धों पर नजर बनाये हुए हैं।