पाक गए 600 श्रद्धालुओं ने देखा 'भयानक' मंजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लाहौर में गुरुद्वारों में भारत से दर्शन करने गए 600 लोगों को 6000 सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए थे।
सभी के आगे-पीछे जीप चल रही थी। जत्थे में देहरादून से भी 25 लोग शामिल थे। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतनी तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी। श्री गुरु अर्जुन देव के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में पाकिस्तान के गुरुद्वारों में माथा नवाने पहुंचे लोगों को वहां के बाशिंदों का व्यवहार काफी पसंद आया।
हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था का तामझाम देखकर वे आश्चर्य में पड़ गए। श्री पंजा साहिब (हसन अब्दाल), ननकाना साहिब, डेरा साहिब गुरुद्वारों के दर्शन के लिए देशभर से करीब 600 लोग गए थे। शुक्रवार को पाकिस्तान गया श्रद्धालुओं का जत्था देहरादून पहुंचा।
जत्थे में शामिल दून के सरदार जसबीर सिंह ने बताया कि पाकिस्तान के पंजाब में हालात पाकिस्तान से बेहतर हैं। यहां के सिख लोग हमारी तरह धूमधाम से बैंड-बाजे के साथ शादी करते हैं।
11 जून को शुरू हुई थी यात्रा
सुखविंदर सिंह ने बताया कि वहां हमारी सुरक्षा इतनी तगड़ी थी कि आगे-पीछे जीप और कमांडो थे। साथ में एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम चल रही थी। यह सब देख हमें बेहद बेहद आश्चर्य हुआ।
जसवीर सिंह और मनवेंद्र कौर (पति-पत्नी) पहली बार पाकिस्तान गए थे। इन्हें यहां हर किसी का अपनेपन से मिलना अच्छा लगा। बताया कि जहां भी गए बिना चाय या कोल्डड्रिंक पिलाए किसी ने नहीं आने दिया। अमरजीत सिंह ने बताया कि वाहे गुरू के नाम से हमारा स्वागत किया गया। बड़ों और बच्चों ने हमारे साथ फोटो भी खिंचवाई।
शुक्रवार को केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा की ओर से रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तान से आए जत्थे का स्वागत किया गया। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष सरदार बिजेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष हरपाल सिंह, रंजीत सिंह, रघुवीर सिंह, मंजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
11 जून को शुरू हुई थी यात्रा
श्री गुरु अर्जुन देव के शहीदी पर्व (16 जून) के उपलक्ष्य में 11 जून को जत्था दून से रवाना हुआ। 12 जून को अमृतसर में रुकने के बाद 13 जून सुबह वाघा बॉर्डर होते हुए रात को हसन अब्दाल स्थित पंजा साहिब पहुंचा। वहां से ननकाना साहिब, डेरा साहिब, रोड़ी साहिब, सच्चा सौदा होते हुए शुक्रवार को दून लौट आया।
पंजा साहिब में अधिक खतरा
लाहौर से 200 किमी दूर ननकाना साहिब और बाकी जगह स्थिति ठीक है। लेकिन लाहौर से 400 किमी दूर पंजा साहिब में हर पल आतंकवादियों का खतरा रहता है। श्री केंद्रीय गुरु सिंह सभा के सचिव सरदार जसबीर सिंह ने बताया कि हसन अब्दाल स्थित पंजा साहिब से 28 किमी दूर लादेन मारा गया था।
यहां हर समय आतंकवादियों का खतरा रहता है। यही वजह है कि यहां जब भी जत्थे पहुंचते हैं तो सुरक्षा के लिए बाजार बंद करा दिया जाता है।
अमूमन चार मौकों पर जत्थे जाते हैं पाकिस्तान
- श्री गुरु अर्जुन देव के शहीदी पर्व पर जून माह में
- महाराजा रंजीत सिंह के सालाना बरसी पर जून में
- बैसाखी के मौके पर अप्रैल माह में जाता है जत्था
- श्री गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर नवंबर में माह में