108 को 28 बार फोन करने पर भी नहीं मिला जवाब, चारधाम तीर्थयात्री की मौत
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चारधाम यात्रा पर आए एक 65 वर्ष के तीर्थयात्री की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। लेकिन उनकी पत्नी का आरोप है कि 108 सेवा को 28 बार कॉल करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आयी। उनका कहना है कि अगर, मेरे पति को समय पर उपचार मिलता तो उनकी मौत नहीं होती। उनकी अकाल मौत के लिए उत्तराखंड सरकार की नाकाफी व्यवस्थाएं जिम्मेदार हैं।
चारधाम यात्रा पर आए यपी गौंडा के देवेंद्र प्रसाद तिवारी (65) और उनकी पत्नी गंगोत्री व यमनोत्री के दर्शन कर 22 मई की शाम को सीतापुर पहुंचे थे। मंगलवार को सुबह उन्हें केदारनाथ जाना था। प्रात: 6 बजे शौच के लिए गए देवेंद्र प्रसाद को दिल का दौरा पड़ गया। बमुश्किल उन्हें कमरे में लाया गया।
इस दौरान साथ के लोगों द्वारा इधर-उधर स्वास्थ्य सुविधा के लिए खोजबीन की। लेकिन बात नहीं बनी। एक व्यक्ति द्वारा 108 नंबर पर बार-बार कॉल की गई। लेकिन इमरजेंसी सेवा से जवाब मिलना तो दूर, कॉल रिसीव तक नहीं हो पाई।
इन हालात में पीड़ित दर्द से तड़पते रहे। करीब दो घंटे बाद वाहन सेवा उपलब्ध होने नजदीकी अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा पंचनामा भरा गया। मृतक की पत्नी के आग्रह पर अन्य औपचारिकताओं को पूरा कर शव सौंप दिया गया।
दिल का दौरा दो यात्री सहित तीन की मौत
महिला ने कहा कहना है कि यात्रा तैयारियों के नाम पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं सीतापुर में कोई इंतजाम नहीं हैं, जिस कारण उसके पति की मौत हुई। इधर, जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और 108 प्रभारी से स्थिति के बारे में पूरी जानकारी मांगी है।
दो दिन में केदारनाथ यात्रा में आए दो यात्रियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई। बीते 22 मई को शेरसी में मुन्नी देवी (72) पत्नी लेखराज, निवासी जयपुर राजस्थान की दिल का दौरा पडने से मौत हो गई। जबकि दोपहर बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड जा रहे घोड़ा-संचालक गुड्डू सिंह (49) पुत्र श्रीदत्त, लंगासू (चमोली) की मुनकटिया के समीप दिल का दौरा पडने से मौत हो गई।
वहीं देर शाम को केदारनाथ के निकट भगवान लाल शर्मा (60) पुत्र मदन लाल शर्मा, निवासी चौंथला, अरई अजमेर राजस्थान की दिल का दौरा पडने से अकाल मौत हो गई। कपाट खुलने के बाद से अभी तक 7 यात्रियों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। पुलिस द्वारा शवों का पंचनामा भरकर परिजनों के आग्रह पर उन्हें सौंप दिए गए हैं।