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हाईकोर्ट में चारधाम देवस्थानम बोर्ड के गठन के मामले में हुई सुनवाई, एक जुलाई को होगा सवाल जवाब
Tue, 30 Jun 2020 09:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 30 Jun 2020 09:13 PM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI file photo
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नैनीताल हाईकोर्ट ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से चारधाम देवस्थानम बोर्ड के गठन के मामले में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई की। सुनवाई बुधवार एक जुलाई को भी जारी रहेगी।
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बुधवार को महाधिवक्ता याचिकाकर्ता के उस सवाल का जवाब देंगे जिसमें पूछा गया था कि क्या यह एक्ट सांविधानिक है। मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश सरकार की ओर से चारधाम के मंदिरों के प्रबंधन को लेकर लाया गया देवस्थानम बोर्ड अधिनियम असांविधानिक है।
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बोर्ड के माध्यम से सरकार द्वारा चारधाम व 51 अन्य मंदिरों का प्रबंधन अपने हाथ में लेना संविधान के अनुच्छेद 25 व 26 का उल्लंघन है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रभावित धार्मिक स्थानों व मंदिरों के पुजारियों में भारी रोष है। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि पूर्व में कुछ राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल व महाराष्ट ने भी इस तरह के निर्णय लिए थे। जिनके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं थीं और उनको जीत मिली थी।
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उन्होंने याचिका में यह भी अनुरोध किया था कि जब तक इसमें कोर्ट से कोई निर्णय नहीं आ जाता, सरकार कोई अग्रिम कार्यवाही न करे, लेकिन सरकार ने उनकी याचिका दायर करने के कुछ ही समय बाद सीईओ नियुक्त कर दिया। इससे स्पष्ट है कि सरकार की मंशा अच्छी नहीं है।