21 साल से इस गांव में लोगों को सड़क का इंतजार
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पौड़ी गढ़वाल के ब्लाक यमकेश्वर के ग्राम पंचायत सीला के लोग विगत 21 साल से सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, लेकिन उन्हें राज्य गठन के इन सोलह सालों में सड़क सुविधा नसीब नहीं हो सकी है। लोगों को गांव से मुख्य मोटर मार्ग और अस्पताल तक पहुंचने के लिए चार किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है।
वर्ष 1996 में अविभाजित उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने अंबेडकर ग्राम सड़क योजना के तहत ठांगर से गाजसेरा के लिए मोटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी थी, जो आज तक कड़े वन कानूनों के फेर में अधूरा पड़ा है।
ग्राम पंचायत सीला के अंतर्गत बनसारी, सीला, दालमीसेरा, गाजसेरा, ठिगाबांज, फेड़वा और पंचूर राजस्व ग्राम शामिल हैं। ग्राम पंचायत की आबादी 1000 की है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव और रोजगार की तलाश में लोग पलायन करने के लिए मजबूर हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण, आप खुद ही पढ़ें
शीला के ग्राम प्रधान आशीष रतूड़ी व क्षेत्र पंचायत सदस्य सीला महावीर सिंह का कहना है कि विकास की पहली सीढ़ी यातायात सुविधा होती है। जिन गांवों तक सड़क सुविधा उपलब्ध है, वहां तक कर्मचारी और अधिकारी भी जाना पसंद करते हैं। ग्रामीण विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक मोटर मार्ग के निर्माण के लिए गुहार लगा रहे हैं।
बीडीसी बैठक में भी मोटर मार्ग का मुद्दा कई बार उठ चुका है, लेकिन, ग्रामीणों को आज तक सड़क की सुविधा नहीं मिल सकी है। सड़क नहीं होने से बीमार लोगों को यमकेश्वर अस्पताल तक पहुंचने के लिए चार किमी पैदल दूरी नापनी पड़ रही है।
लोनिवि दुगड्डा के एई आरएस भंडारी ने बताया कि ठांगर से गाजसेरा तक करीब सात किमी मोटर मार्ग के कुछ हिस्से पर वन भूमि पड़ने के कारण वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। पेड़ छपान का कार्य हो चुका है। वन निगम की ओर से पेड़ काटने के लिए विभाग से कुछ धनराशि की डिमांड की है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।