हादसे के बाद फुंके हुए सिलेंडरों के साथ सेल्फी लेने पहुंचे लोग, खूब कराया फोटोशूट
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इसे सेल्फी का कीड़ा ही कहेंगे कि सिलेंडर धमाकों से जहां लोग दहशत में आए हुए हैं वहीं कुछ लोग फुंके हुए सिलेंडरों के साथ सेल्फी लेने पहुंचे। इतना ही नहीं लोगों ने वहां खूब फोटो शूट कराया।
वीरभट्टी पुल पर गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक में आग लगने के 36 घंटे बाद भी दर्जनों गैस सिलेंडर पुल और आसपास के क्षेत्रों में लावारिस हालत में पड़े हैं। इन सिलेंडरों से अब तक गैस का रिसाव हो रहा है। इससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। हादसे के बाद सक्रिय हुआ प्रशासनिक अमला सिर्फ कागजी खानापूर्ति के बाद सो गया है।
हादसे के बाद उक्त स्थल को देखने के लिए मंगलवार को लोगों की बड़े पैमाने पर आवाजाही लगी रही। लोग हादसे की भयावहता से हैरान थे तो वहीं पुल की गुणवत्ता की प्रशंसा करते रहे। इस दौरान लोगों ने पुल और फुंके हुए सिलेंडरों के साथ सेल्फी ली।
बता दें कि, सोमवार दोपहर को हल्दूचौड़ से कपकोट को गैस सिलेंडर लेकर जा रहे ट्रक में आग लगने के बाद धमाकों से पूरा इलाका थर्रा उठा था। गैस सिलेंडरों में विस्फोट से 100 वर्ष पुराने ब्रिटिशकालीन पुल की भी जड़ें हिल गई हैं।
इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभागों ने कुछ घंटे की सक्रियता दिखाकर इतिश्री कर ली। 36 घंटे होने के बावजूद घटनास्थल पर गैस रिसाव वाले दर्जनों सिलेंडर बिखरे पड़े हैं।
इनसे लगातार गैस रिसाव हो रहा है। लापरवाही का आलम ये था कि बलिया नाले में गिरा एक सिलेंडर शाम छह बजे तक सुलगता रहा। अभी भी छोटी सी चूक या असावधानी फिर किसी जानमाल के नुकसान का कारण बन सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कांडपाल, इंदर सिंह नेगी, जितेन्द्र पाठक, पुष्कर जोशी, विजय ने इस लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त किया है। उधर, मंगलवार देर शाम बाटलिंग प्लांट से आये दल ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों से दुर्घटना के बारे में जानकारी ली।