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Dehradun News: निष्पक्ष जांच सवालों के घेरे में, अधिकारी बचा रहे अपनी साख
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Iग्राम पंचायत बैरागीवाला का मामला, एस्टीमेट बनाने और कार्य की पुष्टि करने वाले अधिकारी ही कर रहे अनियमितता की जांचI
ग्राम पंचायत बैरागीवाला के लोगों ने डीपीआरओ की अध्यक्षता में की गई अनियमितता की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अन्य अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन अधिकारियों ने एस्टीमेट बनाया और कार्य की पुष्टि कि वे ही अधिकारी जांच कर रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। अधिकारी अपनी साख बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जिलाधिकारी सोनिका ने डीपीआरओ को प्रकरण में निर्माण के समस्त अभिलेखों का अवलोकन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता शहीद, राजेश कुमार, अशोक कुमार, सोनू कश्यप, विक्की कश्यप ने कहा कि ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण में बरती गई अनियमितता की जांच की मांग जिलाधिकारी से की थी। डीएम के आदेश के बाद 16 जनवरी को डीपीआरओ जांच के लिए पहुंचे। आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि पुलिया के निर्माण में 790 किग्रा सरिया का प्रयोग हुआ, जबकि पुलिया में एक मीटर भी सरिया नहीं लगा है। निर्माण में 167 बैग सीमेंट दिखाया गया है, जबकि पुलिया की जगह ह्यूम पाइप डाला गया है। ऊपर से स्लैब डाल दिए गए। इसमें महज 200 किग्रा सरिया लगा है। इसके बावजूद रिपोर्ट में कोई वित्तीय अनियमितता न होना बताया गया है। कहा कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की निगरानी में सभी कार्य होते हैं। अवर अभियंता एस्टीमेट बनाने, तकनीकी स्वीकृति देने और कार्यपूर्ति की पुष्टि करता है, लेकिन अब यही अधिकारी आरोपों की जांच कर रहे हैं।
क्या है मामला
शिकायतकर्ता विक्की कश्यप, शहीद, राजेश कुमार, सोनू कश्यप का आरोप है कि प्रधान शाइना परवीन के सारे कामकाज उनके चाचा इस्फाक करते हैं। उन्होंने पहले पुलिया निर्माण और फिर 14 बिंदुओं की जांच कराने की मांग की थी। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि पुलिया पूर्व में लोक निर्माण विभाग ने बनाई थी। लोनिवि की अनुमति के बिना ही पुलिया को तोड़ दिया गया। बीते बृहस्पतिवार को डीपीआरओ के नेतृत्व में जांच टीम 14 बिंदुओं की जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। जहां प्रधान और शिकायतकर्ता पक्ष आपस में भिड़ गए थे। मारपीट की नौबत तक आ गई थी।
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Iसभी आरोप निराधार हैं। निर्माण कार्य लोगों की सहमति से ही कराए गए हैं। कार्यों में कोई धांधली नहीं की गई है। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। जांच से पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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Iशाइना परवीन, प्रधान, बैरागीवाला
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Iजांच में पुलिया का निर्माण एस्टीमेंट के अनुसार पाया गया। सरिए के आरोपों की जांच की जा रही है। यदि सरिया अधिक दिखाया गया तो उसकी रिकवरी की जाएगी। अन्य कार्यों का भी एमबी से मिलान किया जा रहा है। जांच अधिकारी बदलना जिलाधिकारी स्तर का मामला है।
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I-विद्यादत्त सोमनाल, डीपीआरओI
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ग्राम पंचायत बैरागीवाला के लोगों ने डीपीआरओ की अध्यक्षता में की गई अनियमितता की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अन्य अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन अधिकारियों ने एस्टीमेट बनाया और कार्य की पुष्टि कि वे ही अधिकारी जांच कर रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। अधिकारी अपनी साख बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जिलाधिकारी सोनिका ने डीपीआरओ को प्रकरण में निर्माण के समस्त अभिलेखों का अवलोकन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता शहीद, राजेश कुमार, अशोक कुमार, सोनू कश्यप, विक्की कश्यप ने कहा कि ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण में बरती गई अनियमितता की जांच की मांग जिलाधिकारी से की थी। डीएम के आदेश के बाद 16 जनवरी को डीपीआरओ जांच के लिए पहुंचे। आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि पुलिया के निर्माण में 790 किग्रा सरिया का प्रयोग हुआ, जबकि पुलिया में एक मीटर भी सरिया नहीं लगा है। निर्माण में 167 बैग सीमेंट दिखाया गया है, जबकि पुलिया की जगह ह्यूम पाइप डाला गया है। ऊपर से स्लैब डाल दिए गए। इसमें महज 200 किग्रा सरिया लगा है। इसके बावजूद रिपोर्ट में कोई वित्तीय अनियमितता न होना बताया गया है। कहा कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की निगरानी में सभी कार्य होते हैं। अवर अभियंता एस्टीमेट बनाने, तकनीकी स्वीकृति देने और कार्यपूर्ति की पुष्टि करता है, लेकिन अब यही अधिकारी आरोपों की जांच कर रहे हैं।
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क्या है मामला
शिकायतकर्ता विक्की कश्यप, शहीद, राजेश कुमार, सोनू कश्यप का आरोप है कि प्रधान शाइना परवीन के सारे कामकाज उनके चाचा इस्फाक करते हैं। उन्होंने पहले पुलिया निर्माण और फिर 14 बिंदुओं की जांच कराने की मांग की थी। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि पुलिया पूर्व में लोक निर्माण विभाग ने बनाई थी। लोनिवि की अनुमति के बिना ही पुलिया को तोड़ दिया गया। बीते बृहस्पतिवार को डीपीआरओ के नेतृत्व में जांच टीम 14 बिंदुओं की जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। जहां प्रधान और शिकायतकर्ता पक्ष आपस में भिड़ गए थे। मारपीट की नौबत तक आ गई थी।
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Iसभी आरोप निराधार हैं। निर्माण कार्य लोगों की सहमति से ही कराए गए हैं। कार्यों में कोई धांधली नहीं की गई है। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। जांच से पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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Iशाइना परवीन, प्रधान, बैरागीवाला
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Iजांच में पुलिया का निर्माण एस्टीमेंट के अनुसार पाया गया। सरिए के आरोपों की जांच की जा रही है। यदि सरिया अधिक दिखाया गया तो उसकी रिकवरी की जाएगी। अन्य कार्यों का भी एमबी से मिलान किया जा रहा है। जांच अधिकारी बदलना जिलाधिकारी स्तर का मामला है।
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I-विद्यादत्त सोमनाल, डीपीआरओI