गलत नाप की पैंट देने पर 10 हजार का जुर्माना
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अल्मोड़ा जिला उपभोक्ता फोरम ने एक महत्वपूर्ण फैसले में विशाल मेगामार्ट द्वारा गलत नाप की पैंट में सुधार नहीं करने पर उपभोक्ता को मानसिक क्षति के रूप में 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही पैंट को वापस लेने का भी आदेश दिया है।
कर्नाटक खोला निवासी विनोद कर्नाटक पुत्र बसंत बल्लभ कर्नाटक ने 15 सितंबर 2013 को अल्मोड़ा स्थित विशाल मेगामार्ट से 36 साइज की पैंट 489 रुपए में खरीदी। उपभोक्ता को घर जाकर पता लगा कि पैंट 38 साइज की है।
विनोद ने इस पैंट को बदलने अथवा इसमें सुधार करने के लिए 17 सितंबर को विशाल मेगा मार्ट के प्रतिनिधियों और प्रबंधक से संपर्क किया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इस पर विनोद कर्नाटक ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।
नाप में गलत साइज की निकली पैंट
उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दायर करते हुए विनोद ने अपना पक्ष रखा कि विशाल मेगामार्ट की गलती से उसे मानसिक पीड़ा पहुंची।
वहीं, उपभोक्ता फोरम में विशाल मेगामार्ट ने अपनी सफाई में कहा कि पैंट में 36 साइज लिखा था और अन्य शर्तों के बारे में उपभोक्ता को पैंट खरीदने से पहले ही बता दिया गया था और मार्ट की ओर से सेवा में कोई कमी नहीं की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम के आदेश पर पैंट की नाप ली गई तो वह 36 के बजाय 38 साइज की निकली।
इसके बाद जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रवींद्र मैठाणी और सदस्य प्रभात कुमार चौधरी ने विशाल मेगा मार्ट को आदेश दिया कि उपभोक्ता विनोद कुमार कर्नाटक को मानसिक क्षति के रूप में एक माह के भीतर 10 हजार रुपए अदा करें और फोरम के अभिलेख में रखी पैंट को 489 रुपए जमा करने के बाद प्राप्त कर लें।