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हाउस टैक्स नहीं भरा तो मुकदमा होगा दर्ज

Fri, 02 Jan 2015 01:17 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 02 Jan 2015 01:17 PM IST
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pay house tax online.

निजी अपार्टमेंटों के फ्लैटों में रह रहे लोगों के लिए भी हाउस टैक्स के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

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17 जनवरी तक आवेदन न करने वालों पर नगर निगम आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करेगा। दूसरी ओर फार्म भर चुके जो लोग 17 जनवरी तक कर जमा नहीं कराएंगे, उनसे 12 प्रतिशत अधिभार (सरचार्ज) वसूला जाएगा। मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत ने कर अधीक्षक समेत सभी कर निरीक्षकों को इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।

बुधवार को नगर निगम में हुई बैठक में कर निरीक्षकों ने बताया कि अपार्टमेंट में रह रहे लोग आवेदन नहीं कर रहे हैं। सर्वे करने जाने वाले कर्मचारियों से भी अभद्र व्यवहार की शिकायत उठी।
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मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत ने बताया कि सभी कर निरीक्षकों को आदेश दिया गया है कि 17 जनवरी तक सभी वार्डों में फार्म वितरित कर रुपये नगर निगम में जमा करा दें। अगर फ्लैट में रहने वाला कोई व्यक्ति आवेदन नहीं करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा गया है।
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आंकड़ों पर नजर
अब तक नए आवेदन: 28900
कर दे रहे परिवार: 50000
अपार्टमेंट में रह रहे परिवार: 4000

पुरानी संपत्ति पर नहीं रियायत
भवन कर के मूल्यांकन में दस साल या इससे ज्यादा पुराने घरों पर निगम कोई छूट नहीं दे रहा है। पहले घर जितना पुराना हो, उतनी रियायत दी जाती थी।

लेकिन इस बार निगम ने जिस साल से कर मूल्यांकन किया जाएगा, उसी वर्ष से कर वसूलने का निर्णय किया है। यानी निगम शहर के लिए हर घर को नया मानकर चल रहा है। जिस दिन सर्वे होगा, उसी दिन से हाउस टैक्स वसूला जाएगा।

वाणिज्य कर की नहीं चिंता
नगर निगम गृहकर पर जितना संजीदा है, वाणिज्य कर के प्रति उतना ही लापरवाह बना हुआ है। बैठक में मुख्य नगर अधिकारी ने भी इस पर चिंता जताई। उन्होंने सभी कर निरीक्षकों को आदेश दिया कि वाणिज्य कर के सर्वे के लिए जल्द कार्रवाई शुरू करें।

बताया कि वाणिज्य कर निगम का आय का बड़ा स्रोत हो सकता है। ऐसे में कर्मचारियों, अधिकारियों को गंभीर होना होगा। उन्होंने बताया सभी वाणिज्य कर से प्रतिवर्ष करोड़ों की आय निगम कर सकता है।

इस तरह करें आवेदन

1. नगर निगम की वेबसाइट www.nagarnigam.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन घर बैठे किया जा सकता है। कर का भुगतान क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिये किया जा सकता है।
2. नगर निगम कार्यालय जाकर आवेदन पत्र लें। कर अनुभाग से यह फार्म मिलेगा। आवेदन के आधार पर कर की राशि कर अनुभाग में ही जमा कराई जा सकती है।
3. इन दिनों कर निरीक्षक खुद ही घर-घर आकर आवेदन पत्र बांट रहे हैं। घर में फार्म भरें और कर का भुगतान संबंधित कर निरीक्षक को कर दें।

नगर निगम पर बरसेगा धन
नगर निगम अकसर आय के सीमित साधन होने का रोना रोता है। लेकिन अगर करों की वसूली पर ध्यान दिया जाए तो निगम हर साल सिर्फ गृहकर से ही पांच करोड़ की आमदनी कर सकता है। वाणिज्य कर पर काम शुरू होने के बाद तो निगम मालामाल श्रेणी में आ जाएगा।

माना जा रहा है कि गृहकर और वाणिज्य कर मिलाकर निगम हर साल करीब तीस करोड़ रुपए कमा सकता है। हालांकि, इसके लिए निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए।


उत्तराखंड का पहला नगर निगम ‘गरीब’ की श्रेणी में आता है। लेकिन अब इसे ‘अमीर’ की श्रेणी में लाने के लिए कवायद की जा रही है। पहले चरण में भवन कर और उसके बाद वाणिज्य कर शहर में लागू होगा। लेकिन हाउस टैक्स का सर्वे करने में ही निगम को कई साल लग गए।

अब निगम ने सर्वे का काम निपटाने के लिए जनवरी माह को तय कर दिया है तो फिर वाणिज्य कर के लिए भी रास्ते खुलने लगे हैं। मेयर विनोद चमोली ने बताया, निगम जल्द ही अपने पैरों पर पूरी तरह से खड़ा होगा।

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