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डाटा फीडिंग में पटवारी कर रहे ‘त्रुटि का खेल’
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 13 Apr 2017 11:02 AM IST
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- फोटो : demo pic
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भूमि का विवरण कंप्यूटर में फीड करते समय पटवारियों द्वारा की जा रही त्रुटि भूमि मालिकों पर भारी पड़ रही है। छोटी-छोटी त्रुटियों को दुरुस्त कराने में लोगों को दो से पांच महीने तक तहसील से लेकर देहरादून कलक्ट्रेट तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके चलते उनके काम भी लटक रहे हैं।
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खसरा-खतौनी की नकल निकलवाने, भूमि का नक्शा लेने सहित विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग तहसील पहुंचते हैं। इसमें लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही समय की भी बर्बादी होती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार तहसील में अधिकतर व्यवस्थाएं ऑनलाइन करने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए भूमि संबंधी डाटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है।
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इसी फीडिंग में पटवारी जानबूझकर ‘त्रुटि का खेल’ कर रहे हैं। लगभग रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। अपनी जमीन के अभिलेखों में ऐसी त्रुटि को दुरुस्त कराने के लिए लोग तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। समाधान न होने पर लोगों को पहले तहसील और फिर एसडीएम कोर्ट में जाना पड़ रहा है। वहां से समाधान न होने पर पीड़ित डीएम की कोर्ट में पहुंचते हैं।
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पीड़ितों का कहना है कि पटवारियों की कुछ वकीलों से मिलीभगत रहती है। इसलिए वे जानबूझ कर ऐसी गल्तियां करते हैं, ताकि लोगों को उनकी साठगांठ वाले वकील की मदद लेनी पड़े। छोटी-छोटी त्रुटियों को ठीक होने में दो से पांच महीने तक लग जाते हैं। इनमें लोगों का धन और समय तो बर्बाद होता ही है, बिना किसी अपराध के कोर्ट के चक्कर काटने में फजीहत झेलनी भी पड़ती है। जिसके चलते उनके काम रुक जाते हैं।
ऐसे-ऐसे मामले
केस नंबर-1
261 को कर दिया 761 वर्ग मीटर
लोअर नत्थनपुर निवासी भोपाल सिंह रावत की 261 वर्ग मीटर भूमि को पटवारी ने अभिलेखों में 761 वर्ग मीटर अंकित कर दिया। इसके लिए रावत कई दिनों से एडीएम कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। रावत ने बताया कि जब एमडीडीए से मकान के लिए नक्शा पास कराने गए तब इसका पता चला। इस वजह से नक्शे और उसके बाद का काम रुक गया है।
केस-2
नक्शे में गड़बड़ी को कराना होगा दुरुस्त
मच्छी तालाब स्थित पहले ग्राम सभा में थी। अब यह नगर निगम में क्षेत्र है। पटवारियों की ओर से उसकी पैमाइश में भी गड़बड़ी कर गलत संख्या अंकित कर दी गई। इसको लेकर क्षेत्र के पूर्व प्रधान कई दिनों से एडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
दुरुस्त करने के लिए एलआर एक्ट
खतौनी में चढ़ने वाली गलत संख्या को एलआर एक्ट 33/39 की धारा में दुरुस्त किया जाता है। तो वहीं नक्शा दुरुस्त करने के लिए एलआर एक्ट की 28 धारा है।
ऐसे मामलों में पटवारियों की कई ऐसी शिकायत आ चुकी हैं, जो कि कंप्यूटर में दर्ज करते समय की गई हैं। ऐसे में लोग कोर्ट में पहुंचते हैं। इस संबंध में पटवारियों को सही तरीके से काम करने की चेतावनी दी गई है।
- विनीत कुमार, एसडीएम सदर