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यहां पांच साल से तड़पने को मजबूर हैं मरीज

Sun, 15 Sep 2013 03:47 PM IST
अमर उजाला, जसबीर सिंह, लक्सर
अमर उजाला, जसबीर सिंह, लक्सर Updated Sun, 15 Sep 2013 03:47 PM IST
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Patients are helpless from five years

हरिद्वार के बाढ़ प्रभावित खादर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। मलेरिया और डेंगू को लेकर संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।

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चंद्रपुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन महीने से ताले लटके हैं और ग्रामीण उपचार के लिए झोलाछाप चिकित्सकों के सहारे हैं। खानपुर विकासखंड के चंद्रपुरी में सालों पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया था।
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इसका मकसद क्षेत्र के चंद्रपुरी खादर, बांगर, दल्लेवाला, नाईवाला, जोगावाला, दाबकी खेड़ा, माड़ाबेला, शेरपुरबेला आदि गांवों की 15000 की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
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स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो खोला, लेकिन कभी इसकी बदहाली सुधारने की जहमत नहीं उठाई जबकि यह क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। हर साल बाढ़ आने के बाद मलेरिया और डेंगू की बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जलजनित रोगों की आशंका भी बनी रहती है। जानकारी के अनुसार चिकित्सालय में पांच साल से कोई चिकित्सक नहीं है।


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फार्मेसिस्ट ही मरीजों की जांच और दवा वितरण का काम करते थे। बताया जाता है कि तीन महीने पहले यहां तैनात फार्मेसिस्ट को भी दूसरी जगह अटैच कर दिया गया है। अब प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में ताले लटके हैं।

मरीजों को गांवों में झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है या फिर कई किलोमीटर दूर सीएचसी लक्सर आना पड़ता है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त रहनी चाहिएं। इसके बावजूद विभाग की लापरवाही से अस्पताल में ताले लगे हैं।
- रोहताश

अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लिखा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- बबलू

ग्रामीणों को उपचार के लिए या तो लक्सर या फिर पुरकाजी जाना पड़ता है। फार्मेसिस्ट से मामूली रोगों की दवा मिल जाती थी। अब तो वह भी नहीं मिलती।
- कालूराम

अस्पताल में ताले लटकने से पूरा परिसर असामाजिक तत्वों को अड्डा बन गया है। अधिकारियों को जनता के स्वास्थ्य की फिक्र नहीं।
- बलवंत
 
प्रदेश में चिकित्सकों की कमी के चलते यह समस्या खड़ी हो रही है। अधिकारियों से कहकर फार्मेसिस्ट का अटैचमेंट खत्म करवाया जाएगा। चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों से लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है।
- डॉ. अनिल वर्मा, डिप्टी सीएमओ लक्सर

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