हाईकमान ने लगाई टम्टा के नाम पर मुहर, आज भरेंगे नामांकन
- दिन भर चले सियासी ड्रामे के बाद लगी मुहर
- सीएम आवास पर रात्रिभोज में सभी ने मिलाया सुर
- पीडीएफ प्रत्याशी धनै को मनाने की कोशिशें नाकाम
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तमाम कयासों और विरोध के बावजूद कांग्रेस में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा को ही उत्तराखंड से राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर मुहर लग गई है। टम्टा मंगलवार सुबह 11 बजे पूरे लाव-लश्कर के साथ नामांकन दाखिल कराएंगे। इससे पहले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के टम्टा के विरोध में मोर्चा खोलने के बाद सोमवार को दिन भर प्रत्याशी बदले जाने को लेकर सियासी ड्रामा चलता रहा।
कभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय तो कभी पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक के नाम को लेकर चर्चाएं होती रहीं। सुबह से ही दिल्ली में डेरा डाले रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत की सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं हो पाई। अलबत्ता कांग्रेस अध्यक्षा के निजी सचिव अहमद पटेल से उनकी मुलाकात जरूर हुई। रावत ने पटेल से राज्य में हालात सामान्य होने की बात कही।
उधर, दून में मुख्यमंत्री हरीश रावत के विश्वस्त रंजीत रावत की पीडीएफ के प्रत्याशी दिनेश धनै से मुलाकात हुई। देर शाम तक धनै को मनाने की कोशिशें नाकाम रहीं।
मुख्यमंत्री रावत के बेहद करीबी हैं टम्टा
कुमाऊं मंडल से वास्ता रखने वाले और पार्टी के प्रमुख दलित चेहरे माने जाने वाले प्रदीप टम्टा के राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित होते ही कांग्रेस में कलह बढ़ गई थी। देहरादून से लेकर दिल्ली तक चले इस सियासी ड्रामे का अंत सोमवार देर शाम को हुआ, जब सभी ने टम्टा की उम्मीदवारी पर सुर में सुर लगाया।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेहद करीबी माने जाने वाले टम्टा ने हाल में सियासी संकट से उबरने में भी प्रमुख रोल अदा किया था। सूत्रों के मुताबिक, टम्टा की दावेदारी से जुड़े सभी शक-शुबहा दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने अपने न्यू कैंट रोड स्थित आवास पर रात आठ बजे सभी विधायकों को रात्रि भोज पर बुलाया।
इस भोज में पीडीएफ के विधायकों को भी आमंत्रित किया गया। देर रात तक चले भोज में यह तय हुआ कि मंगलवार को सुबह 11 बजे पूरे लाव-लश्कर के साथ प्रदीप का नामांकन दाखिल कराया जाएगा।
अभी दूर नहीं हुई टम्टा की राह की मुश्किल
इस सियासी नौटंकी में अभी पीडीएफ के पत्ते खुलने से रह गए हैं। सोमवार को पीडीएफ नेता दिनेश धनै ने राज्यसभा नामांकन का पर्चा भी मंगा लिया गया है। देर रात तक पीडीएफ को भी मनाने की कोशिशें चलती रहीं।
टम्टा की दावेदारी पर मुहर लगने की बात जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से पूछी गई तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय कहा कि यह आलाकमान का निर्णय है। मुख्यमंत्री और यशपाल आर्य की सोनिया गांधी से वार्ता हुई है, वे ही इस मुद्दे पर कोई सटीक बयान दे सकते हैं।