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Uttarakhand Paper Leak Case: ब्लैकलिस्ट होने के डर से सामने नहीं आ रहे अभ्यर्थी, अब ऐसे चलेगा नकलचियों का पता

Sat, 07 Jan 2023 04:37 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 07 Jan 2023 04:37 PM IST
सार

एसटीएफ अब तक करीब 200 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें से 135 के मजिस्ट्रेटी बयान भी दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में इन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों की जांच भी की जा रही है। एसटीएफ ने नकल करने वाले अभ्यर्थियों से अपील की थी कि वे खुद सामने आ जाएं। एसटीएफ ने उन्हें कानून के हिसाब से मदद का आश्वासन भी दिया था।

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Paper leak case Candidates are not coming forward for fear of being blacklisted Uttarakhand news in hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : RSMSSB Forest Guard Exam

विस्तार

परीक्षाओं में ब्लैक लिस्ट होने के डर से नकल करने वाले अभ्यर्थी अब एसटीएफ से संपर्क करने से बच रहे हैं। ऐसे में एसटीएफ पहले पकड़ में आए अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर से नकलची अभ्यर्थियों का पता लगा रही है। अब तक 135 से ज्यादा अभ्यर्थियों के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए जा चुके हैं।

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एसटीएफ ने मई 2022 में स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की जांच शुरू की थी। इसमें 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे पता चला था कि इन्होंने सैकड़ों अभ्यर्थियों को हल किया हुआ पेपर मुहैया कराया था। एसटीएफ ने नकल करने वाले अभ्यर्थियों से अपील की थी कि वे खुद सामने आ जाएं। एसटीएफ ने उन्हें कानून के हिसाब से मदद का आश्वासन भी दिया था। इस पर कई अभ्यर्थियों ने एसटीएफ से संपर्क किया और जांच आगे बढ़ी।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पिछले दिनों कहा था कि जिन अभ्यर्थियों की नकल करने की पुष्टि हुई है, उन्हें आगामी परीक्षाओं में ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, तभी से नए अभ्यर्थियों ने आगे आना बंद कर दिया है। लेकिन, एसटीएफ ऐसे नकलची अभ्यर्थियों का पता लगाने के लिए गंभीरता से जुटी है। माना जा रहा है कि सिर्फ आरोपियों ने ही नकल नहीं कराई। जिन लोगों ने नकल की, उन्होंने दूसरे अभ्यर्थियों को भी हल किए पेपर की जानकारी दी है।

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400 से 500 हो सकती है संख्या
बता दें कि एसटीएफ अब तक करीब 200 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें से 135 के मजिस्ट्रेटी बयान भी दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में इन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों की जांच भी की जा रही है। माना जा रहा है कि इन्होंने अपने मोबाइल नंबरों से दूसरे अभ्यर्थियों को कॉल कर पेपर में मौजूद प्रश्नों की जानकारी दी है। अगर उन्होंने उस वक्त परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से बात की होगी तो यह बात और पुख्ता हो जाएगी। माना जा रहा है कि एक-एक अभ्यर्थी ने अपने-अपने सर्किल में कम से कम चार से पांच लोगों को जानकारी मुहैया कराई है। इस तरह यह संख्या 400 से 500 तक भी हो सकती है।

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