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पंतनगर विवि को ब्याज सहित लौटानी होगी छात्रा की फीस
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देहरादून। विवि छोड़कर गई छात्रा को पंतनगर विवि ने पूरी फीस लौटाने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब उसे यह फीस ब्याज सहित लौटानी होगी। इतना ही नहीं जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश के अनुसार विवि, छात्रा को पांच हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और मुकदमे में आया खर्च भी देगा।
आयुषी डबराल (पुत्री रमेश डबराल, निवासी आदर्श विहार, बंजारावाला) ने चार अगस्त 2017 को जीबी पंत कृषि एवं तकनीकी विवि पंतनगर में बीवीएससी (वेटनेरी साइंस) में दाखिला लिया था। इसके लिए उसने पांच हजार रुपये एडवांस सहित कुल 87,870 रुपये जमा किए थे। अभी कक्षाएं शुरू भी नहीं हुई थीं कि आयुषी का चयन एमबीबीएस में हो गया। इसके लिए उसने 30 अगस्त को अपनी फीस वापसी करने को प्रार्थनापत्र दिया। नियमों के अनुसार चूंकि छात्रा ने कोई कक्षा नहीं दी तो विवि को उसकी पूरी फीस वापस करनी थी। लेकिन, विवि ने आयुषी को मात्र 40 हजार रुपये वापस किए। पूरी फीस के लिए आयुषी ने कई बार विवि से पत्राचार किया, लेकिन विवि शेष फीस देने से इनकार करता रहा। उसके बाद आयुषी ने तीन दिसंबर 2018 को जिला उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम की ओर से विवि को नोटिस जारी किए गए। लेकिन, वहां से पूरी फीस न लौटाए जाने का ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इस तरह फोरम ने विवि के विरुद्ध फैसला सुनाते हुए उसे 46,870 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं।
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आयुषी डबराल (पुत्री रमेश डबराल, निवासी आदर्श विहार, बंजारावाला) ने चार अगस्त 2017 को जीबी पंत कृषि एवं तकनीकी विवि पंतनगर में बीवीएससी (वेटनेरी साइंस) में दाखिला लिया था। इसके लिए उसने पांच हजार रुपये एडवांस सहित कुल 87,870 रुपये जमा किए थे। अभी कक्षाएं शुरू भी नहीं हुई थीं कि आयुषी का चयन एमबीबीएस में हो गया। इसके लिए उसने 30 अगस्त को अपनी फीस वापसी करने को प्रार्थनापत्र दिया। नियमों के अनुसार चूंकि छात्रा ने कोई कक्षा नहीं दी तो विवि को उसकी पूरी फीस वापस करनी थी। लेकिन, विवि ने आयुषी को मात्र 40 हजार रुपये वापस किए। पूरी फीस के लिए आयुषी ने कई बार विवि से पत्राचार किया, लेकिन विवि शेष फीस देने से इनकार करता रहा। उसके बाद आयुषी ने तीन दिसंबर 2018 को जिला उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम की ओर से विवि को नोटिस जारी किए गए। लेकिन, वहां से पूरी फीस न लौटाए जाने का ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इस तरह फोरम ने विवि के विरुद्ध फैसला सुनाते हुए उसे 46,870 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं।
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