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मुल्कों की दूरियां मिटाने पाकिस्तान से आया 'पैगाम'
अमर उजाला, रुड़की/पिरान कलियर
Updated Wed, 15 Jan 2014 09:28 AM IST
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अमन और भाईचारे का पैगाम लेकर लाहौरी एक्सप्रेस मंगलवार तड़के पांच बजकर 45 मिनट पर रुड़की पहुंची। ट्रेन में सवार 135 पाकिस्तानी जायरीन उर्स के मौके पर पिरान कलियर पहुंचे।
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135 पाकिस्तानी जायरीन पहुंचे पिरान कलियर
पाक जायरीनों का जोश-ए-खरोश के साथ के साथ इस्तकबाल हुआ। नम आंखों के साथ गले मिलते ही दिल की दूरियां भी सिमट कर रह गई।
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पाकिस्तानी जायरीनों का कहना था कि भले ही मुल्कों के दरमियां सरहदों का फासला हो, लेकिन दोनों मुल्कों के बाशिंदों के रगों में बसी तहजीब और मुहब्बत इसका अहसास काफुर कर देती है।
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विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान कलियर के 745वें सालाना उर्स में साबिर पाक की जियारत के लिए मंगलवार को 135 पाकिस्तानी जायरीन यहां पहुंचे।
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तहजीब और मुहब्बत की मिसाल कायम करते बड़ी संख्या में हिंदुस्तानी तड़के ही रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली लाहौरी एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
जैसे ही सुबह पांच बजकर 45 मिनट पर पहुंची ट्रेन से पाक जायरीनों का जत्था स्टेशन पर उतरा। इंतजार में खड़े लोगों ने जोश-ए-खरोश के साथ उनका इस्तकबाल किया। संसदीय सचिव फुरकान अहमद, अफजल मंगलौरी, इकबाल, सलीम खान सहित सैकड़ों लोगों ने गले लगाकर जायरीनों का स्वागत किया।
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स्वागत से गद्गद हुए पाकिस्तानी जायरीनों का कहना था कि सरहदें और सियासत कभी भी दोनों मुल्कों के बाशिंदों के तहजीब और मुहब्बत के इकराम को कम नहीं कर सकती। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पाक जायरीनों को बसों से पिरान कलियर शरीफ स्थित साबरी गेस्ट हाउस ले जाया गया।
यहां जायरीनों ने कुछ देर आराम करने के बाद साबिर पाक की जियारत की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। रेलवे स्टेशन से लेकर साबरी गेस्ट हाउस तक खुफिया विभाग ने पूरा जाल बिछा रखा था।
बोलने की आजादी पर सुरक्षा की चुप्पी
पाक जायरीनों के मुंह से निकला कोई शब्द शासन-प्रशासन के लिए मुसीबत का कारण न बन जाए, इसलिए खुफिया विभाग को विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, साबरी गेस्ट हाउस में ठहरे किसी भी पाकिस्तानी जायरीन की स्थानीय लोगों से बातचीत पर रोक लगाई गई है।
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खुफिया विभाग के अधिकारी पाक जायरीनों को मीडियाकर्मियों से भी दूर रख रहे हैं। ऐसे में पाक जायरीन भी मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देने से पहले खुफिया विभाग के अधिकारियों से इजाजत लेते नजर आए। हर सवाल का वे संजीदगी और सधे हुए लहजे में ही जवाब देते रहे।
19 जनवरी को वतन लौटेंगे पाक जायरीन
पाक जायरीन 19 जनवरी की रात को अपने वतन के लिए रवाना हो जाएंगे। रुड़की रेलवे स्टेशन से लाहौरी ट्रेन में 11 बजकर पांच मिनट पर पाक जायरीन चढ़ेंगे।
इस बीच पाक जायरीन जियारत करने के साथ उर्स की तमाम रस्मों में हिस्सा लेंगे। साबिर पाक की तारीफ में पढ़े जाने वाले अशआर और कलाम को कव्वालियों के जरिए फैज लेंगे।