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लॉकडाउन के वार से बाहरी छात्रों पर खर्च की मार
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विदेशी छात्रों से मारपीट की वजह इस तरफ इशारा कर रही है कि लॉकडाउन के वार से रुड़की क्षेत्र के बड़े कॉलेजों पढ़ने वाले बाहरी छात्रों पर भी खर्च की मार पड़ी है। क्षेत्र के कॉलेजों में हजारों की संख्या में बाहरी राज्यों समेत विदेशी छात्र पढ़ाई करते हैं। फीस नहीं जमा कर पाने के कारण विदेशी छात्रों को हॉस्टल में खाना नहीं देना और मारपीट की घटना के बाद चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।
शिक्षानगरी के नाम मशहूर रुड़की क्षेत्र में कई बड़े और नामी कॉलेज हैं। इनमें हजारों की संख्या में दूसरे राज्यों समेत करीब 150 विदेशी छात्र भी पढ़ते हैं। लॉकडाउन में कई छात्र तो घर लौट गए, लेकिन कई यहीं फंसे रह गए हैं। इनमें से कई छात्र ऐसे भी हैं, जिनके सामने खर्च का संकट खड़ा हो गया है। इसका जीता जागता सबूत है, आरआईटी में पढ़ने वाले विदेशी छात्र। लॉकडाउन के चलते विदेशी छात्रों पर कॉलेज के हॉस्टल और मेस में खाने की फीस देने तक के पैसे नहीं रहे। ऐसे में वह अपने स्थानीय सहपाठियों के सहारे थे, लेकिन इस बीच उन पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से फीस न जमा करने पर कॉलेज छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। ऐसा न करने पर उनके साथ दोषियों की तरह बर्ताव कर मारपीट की गई। विदेशी छात्रों से मारपीट की घटना इशारा कर रही है कि दूसरे कॉलेजों में रह रहे बाहरी छात्रों के सामने भी ऐसा संकट हो सकता है। विदेशी छात्रों के साथ हुई घटना की चारों तरफ निंदा हो रही है। विदेशी मेहमानों के साथ ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न दोहराई जाएं, इसके लिए लोगों ने पुलिस से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
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शिक्षानगरी के नाम मशहूर रुड़की क्षेत्र में कई बड़े और नामी कॉलेज हैं। इनमें हजारों की संख्या में दूसरे राज्यों समेत करीब 150 विदेशी छात्र भी पढ़ते हैं। लॉकडाउन में कई छात्र तो घर लौट गए, लेकिन कई यहीं फंसे रह गए हैं। इनमें से कई छात्र ऐसे भी हैं, जिनके सामने खर्च का संकट खड़ा हो गया है। इसका जीता जागता सबूत है, आरआईटी में पढ़ने वाले विदेशी छात्र। लॉकडाउन के चलते विदेशी छात्रों पर कॉलेज के हॉस्टल और मेस में खाने की फीस देने तक के पैसे नहीं रहे। ऐसे में वह अपने स्थानीय सहपाठियों के सहारे थे, लेकिन इस बीच उन पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से फीस न जमा करने पर कॉलेज छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। ऐसा न करने पर उनके साथ दोषियों की तरह बर्ताव कर मारपीट की गई। विदेशी छात्रों से मारपीट की घटना इशारा कर रही है कि दूसरे कॉलेजों में रह रहे बाहरी छात्रों के सामने भी ऐसा संकट हो सकता है। विदेशी छात्रों के साथ हुई घटना की चारों तरफ निंदा हो रही है। विदेशी मेहमानों के साथ ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न दोहराई जाएं, इसके लिए लोगों ने पुलिस से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
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