उत्तराखंड में कैलास मानसरोवर रूट का विरोध शुरू
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कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए नाथु ला दर्रे से नया मार्ग खोलने की मंजूरी का उत्तराखंड में विरोध शुरु हो गया है। विरोध करते हुए कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारियों ने पिथौरागढ़ में प्रदर्शन किया। वहीं मुनस्यारी में भी इस फैसले के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए।
कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि कुमाऊं में यात्रा से निगम के साथ-साथ अन्य स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी चलती है। यात्रा मार्ग की जटिलता के लिए सरकार दोषी है क्योंकि वह बीस साल बाद भी गर्वाधार से आगे की सड़क नहीं बना पाई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस फैसले का विरोध करना चाहिए और केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। नाथु ला दर्रे से नया रास्ता खोलने के बावजूद कुमाऊं से यात्रा का संचालन होता रहेगा इसकी गारंटी सरकार को देनी होगी।
धार्मिक विरासत पर बताया खतरा
मुनस्यारी में फैसले के विरोध में ब्लाक प्रमुख नरेंद्र रावत के नेतृत्व में लोगों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। बाद में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। अल्मोड़ा में कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की।
बागेश्वर में कुमाऊं विकास मंडल विकास निगम कर्मचारी संगठन की जिला इकाई की बैठक में शुक्रवार को भारत और चीन के मध्य दिल्ली में कैलाश मानसरोवर यात्रा के नए वैकल्पिक यात्रा मार्ग को लेकर हुए समझौते का विरोध किया गया।
बैठक में कहा गया कि इस समझौते से जहां उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को धक्का लगेगा, वहीं निगम की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होगी। वक्ताओं ने उत्तराखंड के यात्रा मार्ग की उपेक्षा बंद करने की जोरदार मांग की और समझौते पर पुनर्विचार नहीं होने पर आंदोलन की धमकी दी है।