फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   operator son will be officer in army.

ऑपरेटर के बेटे ने रोशन किया नाम, बनेगा सेना में अफसर

Sat, 03 Dec 2016 12:28 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 03 Dec 2016 12:28 PM IST
विज्ञापन
operator son will be officer in army.
neeraj negi - फोटो : AmarUjala

एचएमटी कंपनी में ऑपरेटर बलवंत सिंह के बेटे नीरज नेगी ने आर्मी कैडेट कोर की ग्रेजुएशन सेरेमनी में गोल्ड मेडल पाकर नाम रोशन किया है। वहीं, सिल्वर मेडल जीतने वाले सौरभ के पिता समीर दास कैटरिंग का काम करते हैं।

विज्ञापन


अन्य विजेता भी सामान्य परिवारों से ही ताल्लुक रखते हैं। आज उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत, संघर्ष और प्रतिभा के दम पर सफलता हासिल की जा सकती है। परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने पर कुछ समय के लिए संघर्ष तो करना पड़ सकता है, लेकिन जब हालात सामान्य हों तब आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
विज्ञापन


कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी निवासी बलवंत नेगी एचएमटी में ऑपरेटर हैं। तमाम परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी।

कैटरिंग का काम करते हैं नीरज के पिता

operator son will be officer in army.
acc graduation ceremony - फोटो : AmarUjala

नीरज की प्रारंभिक शिक्षा सेंट थरेसा स्कूल से हुई। वर्ष 2011 में उन्होंने एयरफोर्स ज्वाइन किया, लेकिन संघर्ष जारी रखा। आखिर उन्हें इसका फायदा मिला और अब अफसर बनने की राह पर हैं।

पश्चिम बंगाल निवासी, रजत पदक विजेता सौरभ के पिता समीर दास कैटरिंग का काम करते हैं। घर वालों ने कई बार उनसे काम में हाथ बंटाने को कहा। लेकिन समीर के मन में देश सेवा का जुनून था। यही जुनून उन्हें पहले एएमसी में मेडिकल असिस्टेंट और अब आईएमए तक लेकर आया है।

पिता की मौत के बाद भी हासिल की सफलता

operator son will be officer in army.
acc graduation ceremony - फोटो : AmarUjala

पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर निवासी इंद्रजीत के पिता निरवेर सिंह कारोबारी थे। 2005 में इंद्रजीत के एएमसी का हिस्सा बनने के अगले ही साल पिता का साया सिर से उठ गया। खजुरा, नेपाल निवासी और सर्विस सिल्वर मेडल प्राप्त चेतन थापा को सैन्य वर्दी पिता शेर बहादुर थापा से विरासत में मिली।

कांस्य पद विजेता और विज्ञान वर्ग में प्रथम रहे दिल्ली निवासी जय कुमार दीक्षित वर्ष 2005 में नौसेना में भर्ती हुए। वर्ष 2010 में पिता रामकिशन की मौत के बाद भी उन्होंने सफलता हासिल की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed