आपदा पीड़ित महिलाओं संग मिलकर कपड़े बेचेंगे ब्रेट ली
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केदारघाटी के आपदा प्रभावित इलाकों में प्रदेश और केंद्र सरकारें अरबों खर्च करने के बाद जो काम नहीं कर सकीं, पिछले एक साल में कुछ समाजसेवियों ने वह काम करके दिखा दिया।
पंचाचूली वुमन वीवर्स अल्मोड़ा की संचालिका और समाजसेवी मुक्ति दत्ता ने कुछ लोगों के सहयोग से केदारघाटी के आपदा प्रभावित इलाके में कुटीर उद्योग स्थापित कर सात गांवों की 300 महिलाओं को रोजगार दिया है।
संस्था ने अगले साल तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपए सालाना कारोबार का लक्ष्य रखा गया है।
भारत ही नहीं यूरोप में भी बिकेंगे ऊनी कपड़े
केदारघाटी में तैयार ऊनी कपड़े भारत ही नहीं यूरोप में भी बिकेंगे। आस्ट्रेलिया के जाने-माने क्रिकेटर ब्रेट ली ने पहले ही ब्रांड एंबेसडर बनने के लिए सहमति दे दी है।
हाल ही में ब्रेट ली की कंपनी के कुछ लोगों ने मंदाकिनी बुनकर उद्योग का भ्रमण भी किया है। कुटीर उद्योग से जुड़ी महिलाओं का एक दल इन दिनों विशेष प्रशिक्षण के लिए अल्मोड़ा आया हुआ है।
मंदाकिनी महिला बुनकर समिति
पिछले साल 16-17 जून को केदारघाटी में त्रासदी के बाद मुक्ति दत्ता केदारघाटी पहुंच गई थीं।
उन्होंने सबसे अधिक प्रभावित हुए सात गांवों तोसी, त्रियुगनारायण, बड़ासू, कुंजेठी, देवली, भणिग्राम और लमगोंडी गांवों की महिलाओं को कुटीर उद्योग से जोड़कर रोजगार दिलाने की ठान ली।
इन सात गांवों की एक-एक महिलाओं को शामिल कर मंदाकिनी महिला बुनकर समिति बनाई।
उन्होंने डा. हरिकृष्ण बगवाड़ी की देखरेख में महिलाओं को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। पिछले आठ माह में पंचाचूली वुमन वीवर्स अल्मोड़ा में काम करने वाली ग्रामीण महिलाओं ने अलग-अलग ग्रुपों में जाकर आपदा पीड़ित महिलाओं को ट्रेनिंग दी।
1800 रुपए प्रतिमाह मानदेय
वर्तमान में 300 महिलाओं को ट्रेनिंग के साथ 1800 रुपए प्रतिमाह मानदेय भी मिल रहा है।
मुक्ति दत्ता ने बताया कि टाटा, टीएचडीसी, सीआईआई और परमार्थ निकेतन के सहयोग से उद्योग स्थापित करने के लिए भवन, कच्चा माल, महिलाओं के लिए मानदेय और उपकरणों की व्यवस्था हो चुकी है।
मंदाकिनी बुनकर समिति द्वारा शुरू किए गए कुटीर उद्योग में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि जुलाई से नवंबर तक सिडनी, पेरिस, लंदन, सेंट फ्रांसिस्को, दिल्ली और देहरादून में केदारघाटी की महिलाओं द्वारा उत्पादित सामान की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
उसके बाद 2015 से उत्पादित सामान की पूरी दुनिया में बिक्री शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपए सालाना टर्न ओवर का लक्ष्य रखा गया है।
पति की याद आते ही पूनम के आंसू छलके
केदारघाटी के देवली गांव की पूनम तिवारी को आज भी अपने पति सुरेश तिवारी का इंतजार है। उनके पति केदारनाथ मंदिर के निकट होटल चलाते थे।
त्रासदी में होटल तबाह हो गया, सुरेश भी लापता हो गए। पति के बारे में बात करते ही पूनम की आंखों से आंसू छलक आए।
ट्रेनिंग के लिए आई पूनम ने बताया कि सरकार ने पांच लाख रुपए की सहायता के अलावा कुछ नहीं किया। उनकी चार साल की बेटी है।
मंदाकिनी कुटीर उद्योग में रोजगार मिलने के बाद कम से कम रोजी-रोटी के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
उनके अलावा नीलम वाजपेयी, विनीता शुक्ला, गायत्री देवी, विश्वंभरी देवी, गीता गैरोला, अंजू रावत और अनिता रावत भी मास्टर ट्रेनिंग के लिए अल्मोड़ा आई हैं।
खंडूरी ने भी पूरे सहयोग का भरोसा दिया
पूर्व सीएम और सांसद बीसी खंडूड़ी ने केदारघाटी त्रासदी की पहली बरसी पर केदारघाटी में प्रभावित महिलाओं को मंदाकिनी बुनकर समिति के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समाजसेवी मुक्ति दत्ता को फोन पर बधाई दी है।
उन्होंने मुक्ति को बताया कि समिति की पहली एजीएम में वह खुद भी हिस्सा लेंगे। मालूम हो कि पंचाचूली वीमन वीवर्स के ऊनी कपड़ों की यूरोप के देशों में काफी मांग है।