कोविड-19 दहशत का एक साल: नैनीताल में छाई थी वीरानी, कारोबार भी हुआ था बेपटरी
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कोरोना ने लोगों से मौज-मस्ती के पल ही नहीं छीने, बल्कि पर्यटक स्थलों को भी पूरी तरह वीरान कर दिया था। कुमाऊं मंडल में पर्यटन और कारोबार को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा। होटल उद्योग से जुड़े कई लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
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जून से सितंबर 2020 तक ऑटोमोबाइल, ट्रांसपोर्ट, किराना, इलेक्ट्रॉनिक, रेस्टोरेंट, सराफा समेत वैवाहिक कारोबार से संबंधित व्यवसाय 10 से 20 प्रतिशत ही रहा। नवंबर में सरकार की ओर से कोरोना गाइडलाइन के प्रतिबंधों में राहत देने से कारोबार में 50 प्रतिशत तक रौनक लौटी है।
अब रफ्ता-रफ्ता पर्यटन पटरी पर आया तो रोजगार सृजन और सुखद भविष्य की उम्मीदें नजर आने लगीं हैं। नैनीताल से चंद्रेश पांडे और हल्द्वानी से कैलाश पाठक की रिपोर्ट-
पर्यटन व्यवसाय को पड़ी बड़ी मार
नैनीताल और इसके आसपास के क्षेत्रों में ही पर्यटन को आठ सौ करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। नैनीताल और भीमताल क्षेत्र में दो हजारों से अधिक छोटे बड़े होटल रिजॉर्ट मार्च 2020 से सितंबर 2020 तक पूरी तरह बंद रहे।
नैनीताल के कुछ होटल व्यवसायियों ने कोरोना काल में कर्मचारियों की छुट्टी कर दी तो कई को छंटनी के दौर से गुजरना पड़ा। नौका चालक, घोड़ा चालक, टैक्सी, टूर ट्रेवल्स, रेस्टोरेंट व्यवसायी समेत कई पर्यटन से जुड़े सभी कारोबार ठप रहे। नैनीताल और भीमताल क्षेत्र में साढे़ चार सौ से अधिक रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि कोरोना काल में उन्हें दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
कोरोना ने तोड़ दी थी कुमाऊं मंडल विकास निगम की रीढ़
देश भर में पर्यटन के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने वाले कुमाऊं मंडल विकास निगम की भी कोरोना काल में कमर ही टूट गई थी। गैस सर्विस को छोड़ निगम की अन्य सभी गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक अशोक जोशी के अनुसार कोरोना काल में निगम को 15 करोड़ से अधिक के राजस्व की हानि हुई है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी लगा ब्रेक
वर्षों से चली आ रही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पिछले साल कोरोना ने ब्रेक लगा दिया था, जिस कारण मानसरोवर यात्रा पर जाने के इच्छुक लोगों को निराश होना पड़ा था। निगम के अधिकारियों के मुताबिक इस बार भी अभी यात्रा के बारे में शासन से दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।
नैनीताल नगर पालिका की आय में पर्यटन की अहम भूमिका है। पालिका को लेकब्रिज चुंगी और अलग अलग स्थानों पर स्थित पार्किंग स्थलों से सालाना करोड़ों की आय होती है। यह आय कोरोना काल में नहीं हुई। ईओ अशोक कुमार वर्मा के मुताबिक कोरोना के कारण पालिका को खासा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कारोबार प्रभावित होने के कारण
- वैवाहिक कार्यक्रमों में कोविड के चलते लोगों की संख्या सीमित होना।
- लॉकडाउन में सोने की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि से बाजार में गिरावट।
- कुशल कारीगरों के पलायन के बाद अब तक न लौटना।
- नौकरियों का प्रभावित होना और आय सीमित होना।
- कच्चे माल की आपूर्ति ठप होने से दिक्कत।
सराफा कारोबार विवाह के सीजन में थोड़ा बहुत संभला था, लेकिन अब तक कारीगरों के नहीं लौटने से कारोबार ने गति नहीं पकड़ी है।
-राजेश अग्रवाल, प्रांतीय संयुक्त महामंत्री प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि से कारोबारी परेशान हैं। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है, लेकिन व्यापारी किराया बढ़ाकर देने को तैयार नहीं है।
- प्रदीप सबरवाल, ट्रांसपोर्ट कारोबारी
होटलों का कारोबार रूटीन पर नहीं आ पाया है। छह महीने होटल पूरी तरह बंद रहे। अब 30-40 प्रतिशत ही कारोबार हो रहा है।
- हरेंद्र सचदेवा, होटल कारोबारी
अब मार्केट की स्थिति में सुधार आ रहा है। उम्मीद करते हैं अब लॉकडाउन न लगे जिससे बाजार जल्द पूरी तरह पटरी पर आ सके।
- शोभित जैन, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
लॉकडाउन खत्म होने और विवाह समारोहों में कुछ ढिलाई देने से काम काफी कुछ ठीक हुआ है। अब स्थिति कुछ सुधरी है।
- नवीन पांडे सन्नू, संयोजक विवाह व्यापारी संघर्ष समिति
रेस्टोरेंट कारोबार करीब-करीब पटरी पर आ गया है। उम्मीद करते हैं कि अब दोबारा कोविड महामारी का असर न हो।
- भगवान सहाय, रेस्टोरेंट कारोबारी
नवंबर, दिसंबर में शादियों के सीजन में कारोबार काफी कुछ पटरी पर आ गया था। अब बिक्री काफी कम हो गई है।
- अशोक राजपाल, कपड़ा कारोबारी