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गजब: एक दिन की सेलरी से बच जाएगी इस आईएएस अफसर की नौकरी

Fri, 12 Aug 2016 02:45 PM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 12 Aug 2016 02:45 PM IST
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one day salary will save IAS officer's jobs.
ऑफिसर - फोटो : demo pics
पांच साल से ज्यादा वक्त तक गैरहाजिर रहने के आरोपी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरके सिंह की नौकरी आखिरकार केवल एक दिन के वेतन के चलते बचती नजर आ रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने उन्हें एक दिन का वेतन दिए जाने की अनुमति दे दी, लिहाजा उन्हें स्वैच्छिक इस्तीफे (डीम्ड रेजिग्नेशन) के नियमों से बचने का रास्ता मिल गया।
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दरअसल, पांच साल से ज्यादा वक्त तक गैरहाजिर रहने की वजह से भारत सरकार ने आईएएस सिंह का स्वैच्छिक इस्तीफा (डीम्ड रेजिग्नेशन) मान लिया था। इसके उलट, आईएएस अधिकारी ने इन पांच वर्षों के दौरान एक दिन कार्यालय आने का दावा करते हुए उत्तराखंड सरकार से अपनी उपस्थिति अवधि एक दिन का वेतन मांगा था।
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मामला वर्ष 1984 बैच के आईएएस अधिकारी आरके सिंह से जुड़ा है। राज्य गठन से पूर्व वर्ष 1998 में वे दो साल की स्टडी लीव लेकर विदेश चले गए थे। वर्ष 2000 में राज्य गठन पर इन्हें उत्तरांखड कैडर अलॉट हुआ।
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पांच साल की छुट्टी में एक दिन की ड्यूटी

one day salary will save IAS officer's jobs.
अफसर - फोटो : demo

सूत्रों के मुताबिक दो साल की स्टडी लीव के बाद अगले तीन साल वे एक्स्ट्रा ऑर्डिनेरी लीव यानी असाधारण अवकाश पर रहे। इस तरह पांच साल तक सेवा से बाहर रहने के चलते वर्ष 2003 में भारत सरकार ने उनके संबंध में उत्तराखंड सरकार से पत्राचार किया। यहां से कोई सटीक जवाब नहीं मिला। नतीजा पांच साल तक लगातार अवकाश पर रहने के चलते भारत सरकार ने नियमानुसार उनका डीम्ड रेजिग्नेशन मान लिया।

इधर, बीते दिनों आरके सिंह वापस उत्तराखंड आए। यहां उन्होंने मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह से मुलाकात करके बताया कि किन परिस्थितियों में उन्हें अवकाश पर रहना पड़ा। साथ ही भारत सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी।

इस दौरान उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जिन पांच वर्षों तक उनके अवकाश में रहने की बात भारत सरकार द्वारा कही गई है, उसमें एक दिन के लिए वे सचिवालय आए थे। फिर औपचारिकता करके वे दोबारा अवकाश पर चले गए थे। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह उन पर लगातार पांच वर्ष तक अवकाश पर रहने की शर्त लागू नहीं होती है।

मिल गया एक दिन का अप्रूवल

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राज्यपाल के साथ मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह - फोटो : file photo

आरके सिंह ने अपने एक दिन का वेतन दिए जाने की अर्जी भी मुख्य सचिव को दी। इस प्रकरण में विधिक राय लेने और नियमावली आदि की पड़ताल की गई। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार उन्हें एक दिन का वेतन दिए जाने का अप्रूवल मिल गया है। ऐसे में उनके डीम्ड रेजिग्नेशन के पीछे पांच साल की गैरहाजिरी की शर्त पूरी न होने से उनकी नौकरी सुरक्षित हो गई है, हालांकि अभी भारत सरकार की ओर से औपचारिकता करना बाकी है।

मुख्य सचिव के बाद वरिष्ठतम आईएएस अफसर
वर्ष 1983 बैच के आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह प्रदेश के मुख्य सचिव हैं। उनके अलावा अंजली प्रसाद और भगवती प्रसाद पांडेय भी उत्तराखंड काडर में सन 1983 बैच के अधिकारी हैं। मगर दोनों ही अधिकारी भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। ऐसे में यदि आरके सिंह का मामला केंद्र सरकार से सुलट जाता है, तो वे शत्रुघ्न सिंह के बाद राज्य में मौजूद आईएएस अफसरों में वरिष्ठतम होंगे।

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