फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   One arrested for cheating in the name of getting job in army in Dehradun

देहरादून : सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार, खुद को बताया था आर्मी में लेफ्टिनेंट

Sat, 08 Jan 2022 01:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 08 Jan 2022 01:33 AM IST
सार

क्लर्क व जीडी पद पर नौकरी के फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 20 युवकों से करोड़ों ठगने वाले गिरोह का है सदस्य। एसटीएफ की टीम ने देहरादून से पकड़ा, गिरोह में तीन अन्य सदस्य शामिल।

विज्ञापन
One arrested for cheating in the name of getting job in army in Dehradun
arrest - फोटो : istock

विस्तार

युवाओं को सेना में क्लर्क और जीडी पद पर नौकरी के फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। गिरोह के तीन और सदस्यों के नाम प्रकाश में आए हैं। एसटीएफ उनकी गिरफ्तारी का भी प्रयास कर रही है। एसटीएफ के मुताबिक अभी तक गिरोह की ओर से 20 युवकों से ठगी की पुष्टि हुई है। गिरोह उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और दिल्ली आदि स्थानों से ऐसे युवकों को निशाना बनाता था जो सेना में भर्ती होना चाहते थे। 

विज्ञापन


एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली कि नवयुवकों को सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह देहरादून में सक्रिय है। जिस पर एसटीएफ एवं आर्मी इंटेलीजेंस की टीम ने इस संबंध में सूचना एकत्रित की। पता चाल कि गिरोह का एक सदस्य देहरादून में रहता है। वह स्वयं को सेना में लेफ्टिनेंट बताता है। मुखबिरों की सूचना पर एसटीएफ को गिरोह के सदस्य का बल्लीवाला चौक के आसपास होने की जानकारी मिली।
विज्ञापन


जिसके बाद एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान अंकुर कुमार पुत्र सोमपाल सिंह निवासी यूनियन बैंक वाली गली, निकट वन्यजीव इंस्टीट्यूट चंद्रबनी के रूप में हुई। पूछताछ में गिरोह के तीन और सदस्यों अंकित निवासी धामपुर (बिजनौर), गावस्कर चौहान उर्फ आशु निवासी अमरोहा व निपेंद्र चौहान उर्फ कंचन चौहान निवासी अमरोहा के नाम भी सामने आए है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने टीमें रवाना कर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी खुद को बताया था आर्मी में लेफ्टिनेंट 
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि युवकों विश्वास दिलाने के लिए वह वह खुद को आर्मी का लेफ्टिनेंट बन जाता था। गिरोह के अन्य सदस्य डॉक्टर आदि बन जाते थे। इसके बाद उनका गिरोह उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर तथा दिल्ली आदि ऐसे युवकों को निशाना बनाते थे, जो सेना में भर्ती होना चाहते थे। इसके बाद वह युवकों को क्लर्क, जीडी में भर्ती का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उन्हें लाखों रुपये हड़प लेते थे। 


अंकुर खाते से खाते से विगत सालों हुए डेढ़ करोड़ का बैंक लेन-देन 
एसटीएफ को अंकुर के खातों को चेक करने पर विगत सालों से उसके खाते से डेढ़ करोड़ रुपये के बैंक लेन-देन होना पाया गया। एसटीएफ के मुताबिक अभी तक बीस युवकों से धोखाधड़ी का पता चला है। गिरोह द्वारा कितने लोगों को ठगा है, इसके बारे में जानकारी की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed