Omicron in Uttarakhand: प्रदेश में ओमिक्रॉन के मामले बढ़े तो नाइट कर्फ्यू संभव, सरकार सतर्क
मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु ने देहरादून में ओमिक्रॉन का पहला मामला मिलने के बाद संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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प्रदेश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने पर सरकार नाइट कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंध लगा सकती है। प्रदेश में ओमिक्रॉन का पहला मामला मिलने के बाद सरकार सतर्क हो गई है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को ओमिक्रॉन संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश का किया जाएगा पालन
सचिवालय में मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु ने देहरादून में ओमिक्रॉन का पहला मामला मिलने के बाद संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन की रोकथाम और बचाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश का पालन किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों की समुचित व्यवस्था की जाए।
बैठक में निर्णय लिया कि ओमिक्रॉन संक्रमण को रोकने के लिए प्रतिदिन मिलने वाले संक्रमितों की गहन निगरानी की जाएगी। ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। यहां तक की आवश्यकता पड़ने पर प्रदेश में नाइट कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य इंतजामों के बारे में जानकारी दी है। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पाबंदी हटाई थी। 20 नवंबर के बाद प्रदेश में सभी तरह की पाबंदी समाप्त की गई थी।
ओमिक्रॉन संक्रमित युवती का दोबारा लिया जाएगा सैंपल
ओमिक्रॉन से संक्रमित दून के कांवली रोड निवासी 23 वर्षीय युवती का दोबारा से सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। जिसमें यह पता लगाया कि युवती में संक्रमण का प्रभाव समाप्त हो गया है या नहीं। 12 दिसंबर को युवती का आरटीपीसीआर सैंपल पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया था। जिसमें ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित युवती होम आईसोलेशन में है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिर से युवती का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
उत्तराखंड में संक्रमित बढ़े
प्रदेश के मैदानी जिलों में फिर से कोरोना संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। वहीं, ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम हुई है। बीते 24 घंटे में 39 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि तीन ही मरीज स्वस्थ हुए हैं। 220 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। अब तक प्रदेश में 344697 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 17485 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि छह जिलों में 39 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। ऊधमसिंह नगर जिले में 12, देहरादून में 11, नैनीताल में 10, पिथौरागढ़ में चार, चमोली और पौड़ी जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। अन्य सात जिलों में कोई नया संक्रमित नहीं मिला है।
इसके अलावा किसी भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। बीते 24 घंटे में तीन मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिलाकर अब तक 330872 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में फिलहाल 220 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को सरकार तैयार : धन सिंह
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने की तैयारी पूरी है। प्रदेश में 6572 ऑक्सीजन बेड और 1016 वेंटिलेटर आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की सीमाओं, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर कोरोना जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ओमिक्रॉन से घबराने की जरूरत नहीं है। बचाव के लिए कोविड अनुरूप व्यवहार कर सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
राज्य में कुल 13674 ऑक्सीजन बेड हैं, इनमें से 6572 ऑक्सीजन बेड कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास मेडिकल कॉलेज सहित 8179 ऑक्सीजन बेड व निजी अस्पतालों के पास 5495 बेड उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए अलग से 2243 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा प्रदेश में कुल 2113 आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें 1655 आईसीयू बेड कोविड संक्रमितों के लिए आरक्षित किए गए हैं। बच्चों के लिए 503 आईसीयू बेड और 494 निक्कू बेड भी उपलब्ध हैं।
प्रदेश में 39140 एलपीएम ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता
प्रदेश में कुल 22420 ऑक्सीजन सिलिंडर व 9838 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर हैं। राज्य में कुल 88 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं। इनमें 71 कार्य कर रहे हैं। इनकी उत्पादन क्षमता 39140 एलपीएम है। कोविड से निपटने के लिए सरकार ने 69 बाल रोग चिकित्सक, 32 स्टाफ नर्स, 31 फिजीशियन, 60 मेडिकल ऑफिसर्स, 35 एनेस्थेटिस्ट तथा 537 ईएमटी कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है।