अब दस किमी की परिधि में मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, जीवनरक्षक दवाइयां होंगी उपलब्ध
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के हर हिस्से में दस किलोमीटर के भीतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार को कई अहम दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव प्रतिशत बढ़ाने और शिशु मृत्युदर में कमी लाने पर विभाग का सर्वाधिक फोकस होना चाहिए। जिन जिलों में बालिका लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाइयाें की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में स्वास्थ्य सूचकों में काफी सुधार हुआ है। जरूरत है कि कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की ट्रेकिंग की जाए। वर्ष 2022 तक सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में अपग्रेड किया जाना है। जीवनरक्षक दवाईयों की कमी न रहे। संस्थागत प्रसव 50 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने अवगत करवाया कि एसआरएस सर्वे के अनुसार मातृत्व मृत्यु दर में 84 अंकों की गिरावट आई है। शिशु मृत्यु दर 38 प्रति हजार से घटकर 32 प्रति हजार हो गयी है। प्रदेश में टीकाकरण का प्रतिशत 2 वर्षों में 87 प्रतिशत से बढ़कर 99 प्रतिशत हो गया है। राज्य का बालिका लिंगानुपात तीन वर्षों में 906 से बढ़कर 938 हो गया है। आईसीयू 8 जिलों में संचालित हैं।
अगले वर्ष तक सभी 13 जिलों में शुरू कर दिए जाएंगे। अटल आयुष्मान योजना में 60 प्रतिशत परिवारों के कार्ड बन चुके हैं। अभी तक लगभग 64 हजार लोग इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कालेजों में लगभग 90 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित नियुक्ति दी गई है। बैठक में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव नीतेश झा, सौजन्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की बढ़ सकती है सेवानिवृत्ति आयु
मुख्यमंत्री ने प्रदेश विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश विभाग को दिए हैं। डाक्टरों की संख्या वर्तमान में 2152 है। जल्द ही 314 और डाक्टरों की भर्ती कर ली जाएगी।