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अब कर्मचारियों के भुगतान पर भी राजनीति

Fri, 18 Oct 2019 12:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2019 12:00 AM IST
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Now even politics on payment of employees
केआरएल को टिपिंग शुल्क के भुगतान को लेकर नगर निगम फिर राजनीति का अखाड़ा बनने जा रहा है। मेयर अनीता शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्वयं सफाई व्यवस्था की समीक्षा बैठक में केआरएल की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाकर भुगतान न करने के निर्देश दिए थे। अब तब तक मंत्री स्वयं भुगतान की संस्तुति नहीं करते कर्मचारियों का भुगतान नहीं होगा। इसके लिए उन्होंने बकायदा नगर आयुक्त और शहरी विकास मंत्री को पत्र भी लिखा है।
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दरअसल, नगर निगम की कंपनी केआरएल के कर्मचारियों ने 21 अक्तूबर से पहले तीन माह का वेतन और बोनस देने की मांग की है। भुगतान नहीं होने की स्थिति में केआरएल प्रबंधक को असहयोग आंदोलन शुरू करने का नोटिस भी थमा दिया था। बृहस्पतिवार को भुगतान की फाइल मेयर अनीता शर्मा के पास पहुंची। मेयर ने फाइल पर अपनी संस्तुति देने से मना कर दिया। उन्होंने भुगतान करने का मामला शहरी विकास मंत्री के पाले में डाल दिया है। उनका कहना है कि भुगतान की फाइल पर शहरी विकास मंत्री की संस्तुति नहीं है। कहा, मंत्री के निर्देश पर केआरएल की जांच भी की जा रही थी। उसकी रिपोर्ट भी अभी तक उनके पास नहीं आई है, ऐसी स्थिति में जब मंत्री ही घोटाला की जांच करा रहे हैं तो बिना उनकी संस्तुति के भुगतान करना ठीक नहीं होगा। जहां तक केआरएल कर्मचारियों के आंदोलन के नोटिस का सवाल है, इसके दृष्टिगत नगर आयुक्त को सफाई व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने को निर्देशित कर दिया गया है। मेयर का कहना है कि मंत्री की समीक्षा बैठक के बाद भी केआरएल ने किसी भी काम में सुधार नहीं किया हैै। ऐसी स्थिति में कंपनी के भुगतान के लिए मंत्री की संस्तुति जरूरी है। उनकी संस्तुति के बाद ही भुगतान की फाइल पर संस्तुति दी जा सकती है। इसके लिए उन्होंने नगर आयुक्त और शहरी विकास मंत्री को पत्र लिख दिया है। पत्र का जवाब आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब कंपनी के भुगतान को लेकर नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीति गरमाने वाली हैं। उधर, कर्मचारी नेताओं ने अभी से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
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