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CR को लेकर IFS ने केंद्रीय मंत्री नड्डा पर बोला हमला, मंत्री के खिलाफ नोटिस

Fri, 13 Jan 2017 12:47 PM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव / अमर उजाला, हल्द्वानी
विजेंद्र श्रीवास्तव / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 13 Jan 2017 12:47 PM IST
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notice released against minister JP nadda
संजीव चतुर्वेदी

आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने एम्स में कार्यकाल के दौरान वार्षिक गोपनीय प्रवष्टि (एसीआर) को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और उत्तराखंड के भाजपा राज्य प्रभारी मंत्री जेपी नड्डा पर हमला बोला है।

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संजीव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एवं एम्स के पदेन अध्यक्ष समेत अन्य लोगों द्वारा एसीआर न लिखे जाने की अपील करते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में वाद दाखिल किया है। मामले में कैट ने केंद्रीय मंत्री, एम्स निदेशक, एम्स उप निदेशक समेत छह लोगों को नामजद नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई छह फरवरी को तय हुई है।
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आईएफएस संजीव चतुर्वेदी को एम्स में चार साल के डेपुटेशन (उप सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी)  पर तैनात किया गया था। इसमें संजीव चतुर्वेदी ने वित्तीय वर्ष 2015-16 की एसीआर को लेकर मोर्चा खोला है। संजीव का कहना है 23 दिसंबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का पत्र जारी हुआ था।
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इस पत्र में कहा गया था कि पूर्व में भेजे एसीआर को लौटाया जा रहा है। पूर्व की व्यवस्था के तहत ही इसे प्रस्तुत करने को कहा गया, जबकि उन्होंने 18 नवंबर 2016 को स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया था कि एम्स के पदेन अध्यक्ष जेपी नड्डा, एम्स निदेशक और एम्स उप निदेशक से जुड़े मामलों की जांच उन्होंने (संजीव ने) की है, ऐसे में उन लोगों के जरिए ही उनकी एसीआर न लिखाई जाए। इसके लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग का सर्कुलर (मार्च-2006) का जिक्र किया है।

सर्कुलर के अनुसार जो सतर्कता अनुभाग में काम कर चुके हैं, उनकी एसीआर उन व्यक्तियों द्वारा नहीं लिखी जानी चाहिए, जिनके कार्यों की जांच और शिकायतों का निपटारा सतर्कता अनुभाग में रहते हुए कर चुके हैं। इसके साथ ही संजीव चतुर्वेदी ने स्वमूल्यांकन भेजने के साथ एसीआर किसी और से लिखाने का अनुरोध किया था।

28 दिसंबर को एम्स से जारी एक पत्र दिल्ली के पते (तैनाती स्थल हल्द्वानी है, जहां वन संरक्षक अनुसंधान पद पर तैनात हैं) पर भेजा गया। इसमें कहा गया कि क्योंकि आप ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को 23 दिसंबर द्वारा जारी पत्र के निर्देश में स्वमूल्यांकन नहीं जमा किया है, ऐसे में रिपोर्टिंग अथॉरिटी बिना स्वमूल्यांकन के ही अपना विचार रखेगी।


इस पत्र के बाद संजीव चतुर्वेदी ने कैट का दरवाजा खटखटाया है। इसमें एम्स के पदेन अध्यक्ष, निदेशक, उप निदेशक और इन्हीं तीनों को निजी तौर पर भी नामजद प्रतिवादी बनाया गया है। संजीव ने उनकी एसीआर संबंधित व्यक्तियों द्वारा प्रविष्टि दर्ज करने से रोकने का अनुरोध किया है। इस याचिका पर छह जनवरी को पहली सुनवाई हुई है। इसमें छह लोगों को नोटिस (एम्स पदेन अध्यक्ष, एम्स निदेशक, एम्स उप निदेशक के आधिकारिक और इन्हीं तीनों को निजी स्तर पर यानी जेपी नड्डा, डॉ. एमसी मिश्रा, वी. श्रीनिवास) जारी किया गया है। कैट ने छह फरवरी को मामले में पक्ष रखने को कहा है।

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