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जहर खाकर मंत्री से मिलने पहुंचे व्यापारी के रिश्तेदारों ने बताया नोटबंदी से हुई 'बर्बादी' का सच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 07 Jan 2018 08:13 PM IST
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Prakash Pandey
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देहरादून स्थित भाजपा मुख्यालय में शनिवार दोपहर जहर खाकर पहुंचने वाले मैक्स अस्पताल में भर्ती ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के रिश्तेदार रविवार को अस्पताल पहुंचे।
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पांडे के बहनोई उमेश मलकानी ने कहा कि पांडे के अन्य लोगों ने 15 से 20 लाख रुपये देने है। बाजार में यह धनराशि फंसने से वे इतनी ही धनराशि के कर्जदार हो गए हैं।
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समस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखकर अवगत करा चुके हैं, लेकिन कही से कोई जवाब नहीं आया।
बाजार में लाखों रुपया फंस गया
नोटबंदी और जीएसटी से उनका कारोबार चौपट हो गया
प्रकाश पांडे के बहनोई हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता उमेश मलकानी ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से उनका कारोबार चौपट हो गया है। पांडे ग्वालियर से आने वाले आटे की आर्मी को सप्लाई करते थे, लेकिन उनका बाजार में लाखों रुपया फंस गया। उन्होंने कहा कि पांडे ने बीते दिनो बताया था कि वे देहरादून जा रहे हैं, लेकिन परिवार में किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि वे इस तरह का कदम उठा लेंगे।
पांडे के बहनोई ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद उनकी गाड़ियां खड़ी हो गई थी। आर्थिक परेशानी को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखे लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला।
मुख्यमंत्री के ओएसडी उर्वादत्त भट्ट ने कहा कि प्रकाश पांडे पांच जनवरी को सचिवालय में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे, उस दौरान उन्हें मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। सीएम के ओएसडी ने कहा कि डाक्टरों ने प्रकाश पांडे के स्वास्थ्य में पहले से कुछ सुधार बताया है। उनके इलाज में जो भी खर्चा आएगा उसे सरकार वहन करेगी।
पांडे के बहनोई ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद उनकी गाड़ियां खड़ी हो गई थी। आर्थिक परेशानी को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखे लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला।
मुख्यमंत्री के ओएसडी उर्वादत्त भट्ट ने कहा कि प्रकाश पांडे पांच जनवरी को सचिवालय में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे, उस दौरान उन्हें मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। सीएम के ओएसडी ने कहा कि डाक्टरों ने प्रकाश पांडे के स्वास्थ्य में पहले से कुछ सुधार बताया है। उनके इलाज में जो भी खर्चा आएगा उसे सरकार वहन करेगी।