11 लाख के लिए अंधेरे में डूब जाएगा गंगोत्री धाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितंबर माह से गंगोत्री धाम की बिजली ठप होने की नौबत आ गई है। समय से बिल का भुगतान नहीं होने पर दो लघु जल विद्युत परियोजनाओं को लीज पर चला रही कंपनी ने एक सितंबर से गंगोत्री के दोनों बिजलीघर बंद करने का निर्णय लिया है।
बता दें मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित तीर्थ धामों के उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में गंगोत्री में लघु जल विद्युत परियोजनाएं चला रही कंपनी ने उरेडा के निर्देश पर उपभोक्ताओं से दो साल से 11 लाख रुपये के बिल की वसूली नहीं की।
उरेडा की ओर से उपभोक्ताओं का माफ किया गया बिजली बिल का पैसा कंपनी को नहीं दिया गया है। इन हालातों में अब कंपनी ने बिना पैसे के दोनों परियोजनाओं के रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन का भार उठाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
सितंबर से बंद हो जाएंगी दोनों परियोजनाएं
लीज होल्डर महेश भट्ट ने कहा कि वे उरेडा मुख्यालय से बिल राशि का भुगतान नहीं होने की दशा में पहली सितंबर से गंगोत्री की दोनों परियोजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे।
गंगोत्री में उरेडा की 150 किलोवाट की रुद्रगैरा और 20 किलोवाट की केदार गंगा पर बनी लघु विद्युत परियोजना का महेश माइक्रोज एंड इलेक्ट्रीकल कंपनी लीज पर संचालन कर रही है। इन्हीं परियोजनाओं से गंगोत्री धाम रोशन होता है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार गंगोत्री में उपभोक्ताओं के माफ किए बिल की राशि 11 लाख का भुगतान अभी शासन से प्राप्त नहीं हुआ है। विभाग ने पत्र भेजकर शासन से भुगतान की मांग की है। गंगोत्री की दोनों परियोजनाओं का संचालन जारी रखने के लिए लीज होल्डर से बातचीत जारी है।
-मनोज कुमार, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, उरेडा, उत्तरकाशी