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इस गांव में प्रधान चुनने के लिए नहीं होते चुनाव

Thu, 06 Feb 2014 10:57 AM IST
हेमवती नंदन भट्ट/ अमर उजाला, ऋषिकेश
हेमवती नंदन भट्ट/ अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Thu, 06 Feb 2014 10:57 AM IST
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no election to select village head

ऋषिकेश के इस गांव में न मतदान हुआ, न हीं वोट गिने गए, लेकिन गांव का प्रधान चुन लिया गया। रविवार को क्यार्की ग्रामसभा की आम बैठक में सर्वसम्मति से उषा देवी को मुखिया चुना गया।

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निर्विरोध प्रधान चुनने की परंपरा
ग्रामसभा बनने के बाद यह परंपरा तीसरी बार निभाई गई है। एक दशक पहले बवाणी से अलग हुई टिहरी जिले की ग्रामसभा क्यार्की में शुरू से ही निर्विरोध प्रधान चुनने की परंपरा है।
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स्थानीय निवासी देवेंद्र सिंह रावत, धन सिंह, भगवान सिंह, उदय सिंह नेगी, हरेंद्र सिंह, कमल सिंह, चतन सिंह रावत आदि का कहना है कि चुनाव से सरकार पर आर्थिक बोझ तो पड़ता ही है, लोगों में मनमुटाव से गांव का विकास बाधित होता है।
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लिहाजा अलग ग्रामसभा बनने पर क्यार्की और कुई राजस्वग्राम के नागरिकों में रजामंदी हुई थी, जिसमें इस पद पर दोनों गांवों में बारी-बारी से एक व्यक्ति का नाम चयनित कर सर्वसम्मति की परंपरा डाली गई।

उषा देवी को चुन लिया प्रधान
ग्रामीणों ने 2002-03 में आम सहमति से सबसे पहले क्यार्की निवासी प्रतिमा रावत को प्रधान चुना। 2007-08 में कुई के भगवान सिंह नेगी प्रधान बने, इस बार क्यार्की निवासी उषा देवी को प्रधान चुन लिया गया।

कुई गांव के भगवान सिंह नेगी का नाम क्षेत्र पंचायत सदस्य पद और प्रतिमा रावत को जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव के लिए प्रस्तावित किया गया।

इस अवसर पर भजन सिंह बिष्ट, दयाल सिंह, श्याम सिंह, बलवीर सिंह नेगी, कीर्ति सिंह, कुंदन सिंह, केदार सिंह नेगी, सीता देवी आदि मौजूद थे।

उधर, तहसीलदार एचसी जुयाल ने बताया कि इन दिनों कई गांवों में सर्वसम्मति से जनप्रतिनिधियों का चयन किया जा रहा है। नामांकन की अंतिम तिथि के बाद चुने गए प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।

दस वर्षों में गांव ने की खूब तरक्की
तीर्थनगरी के करीबी क्यार्की गांव एक दशक पहले तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित था। पहले कार्यकाल में गांव में सड़क की वित्तीय मंजूरी मिली। साथ ही यहां विद्युतीकरण किया गया और स्कूल भवन का निर्माण हुआ।

इसी दौरान वन विभाग के सहयोग से गांव के अंतर्गत पड़ने वाले नीरगढ़ झरने को विकसित किया गया। प्रधान के दूसरे कार्यकाल में सड़क कटिंग कार्य आरंभ होने पर गांव बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा।


उक्त मार्ग नीरगढ़ से 17 किमी पीटीसी नरेंद्रनगर को जोड़ता है। इसी कार्यकाल में महिला मिलन केंद्र और कुई गांव को सोलर पंपिंग योजना से पेयजल आपूर्ति सुचारु हुई।

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