{"_id":"5d5075488ebc3e6cb713d64e","slug":"no-asphalt-route-after-12-years-vikas-nagar-news-drn316116816","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 साल बाद भी मार्ग का डामरीकरण नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 साल बाद भी मार्ग का डामरीकरण नहीं
विज्ञापन
बदहाल पड़ा बिजोई-कुईथा-खतार मोटर मार्ग।
- फोटो : VIKAS NAGAR
नागथात। 12 साल बाद भी बिजोई-कुईथा-खतार मोटर मार्ग का डामरीकरण नहीं हुआ है। सड़क पर पैराफिट और सुरक्षा दीवारें भी नहीं हैं। इससे 17 किमी लंबे इस मार्ग पर लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि लंबे समय से ग्रामीण सड़क के चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क के बेहद संकरी होने कारण दो गाड़ियों के एक साथ आमने-सामने आने पर पास देने तक की जगह नहीं बचती। ऐसे में कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। वर्ष 2006-07 में लोनिवि साहिया ने इस सड़क का निर्माण कराया था। इसके बाद विभाग ने इस सड़क की ओर पलट कर नहीं देखा। सड़क से बिजोऊ, सुदराया, खतार, कोलाड़ा, खोफ्टी, भुग्तार, समाया, बड़नू, दातनू, और जोशी आदि गांवों की आबादी जुड़ी हुई है।
ग्रामीण गजेंद्र सिंह तोमर, भोपाल सिंह, सूरत सिंह, बलवीर सिंह, जवाहर सिंह, चमन सिंह आदि का कहना है कि रुढ़ा बैंड से आगे करीब आठ किमी लंबा हिस्सा बेहद संकरा और बदहाल स्थिति में है। मरम्मत के अभाव में सड़क पर किमी-तीन और चार के पास डेंजर प्वाइंट बन गए हैं। लंबे समय से ग्रामीण सड़क के डामरीकरण के साथ ही चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हल्की सी बारिश में सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है।
विज्ञापन
वहीं, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने कहा कि सड़क मरम्मत के लिए प्रस्ताव बना शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
लोगों का आरोप है कि लंबे समय से ग्रामीण सड़क के चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क के बेहद संकरी होने कारण दो गाड़ियों के एक साथ आमने-सामने आने पर पास देने तक की जगह नहीं बचती। ऐसे में कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। वर्ष 2006-07 में लोनिवि साहिया ने इस सड़क का निर्माण कराया था। इसके बाद विभाग ने इस सड़क की ओर पलट कर नहीं देखा। सड़क से बिजोऊ, सुदराया, खतार, कोलाड़ा, खोफ्टी, भुग्तार, समाया, बड़नू, दातनू, और जोशी आदि गांवों की आबादी जुड़ी हुई है।
विज्ञापन
ग्रामीण गजेंद्र सिंह तोमर, भोपाल सिंह, सूरत सिंह, बलवीर सिंह, जवाहर सिंह, चमन सिंह आदि का कहना है कि रुढ़ा बैंड से आगे करीब आठ किमी लंबा हिस्सा बेहद संकरा और बदहाल स्थिति में है। मरम्मत के अभाव में सड़क पर किमी-तीन और चार के पास डेंजर प्वाइंट बन गए हैं। लंबे समय से ग्रामीण सड़क के डामरीकरण के साथ ही चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हल्की सी बारिश में सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है।
विज्ञापन
वहीं, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने कहा कि सड़क मरम्मत के लिए प्रस्ताव बना शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी।