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NH भूमि अधिग्रहण घोटालाः निलंबित अफसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

Mon, 27 Mar 2017 10:41 AM IST
भास्कर पोखरियाल/ अमर उजाला, रुद्रपुर
भास्कर पोखरियाल/ अमर उजाला, रुद्रपुर Updated Mon, 27 Mar 2017 10:41 AM IST
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NH Land Acquisition Scam in udham singh nagar
- फोटो : demo pic

उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर जिले के एनएच भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति और चार एसडीएम सहित छह अफसरों के निलंबन की कार्रवाई के बाद इस घोटाले में लिप्त रहे अन्य अधिकारियों कर्मचारियों के साथ ही भू माफियाओं और कुछ सफेदपोशों की भी नींद उड़ गई है।

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वहीं जिला प्रशासन इस मामले में सीबीआई को जांच में सपोर्ट करने के लिए अभी से तैयारी में जुट गया है। जिले के पुलिस कप्तान ने निलंबित अफसरों की गिरफ्तारी की संभावना के चलते अभी से सीबीआई के फॉर्मेट की तैयारी भी शुरू कर दी है। 
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एनएच चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के तहत जिले में कि ए गए मुआवजा घोटाले से ऊधमसिंह नगर जिला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

इस मामले में कमिश्नर की जांच के बाद एक्शन में आई सरकार ने शनिवार को चार एसडीएम सहित छह अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के साथ ही पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति करके इस घोटाले में लिप्त अफसरों, कर्मचारियों के साथ साथ भू माफियाओं और कुछ सफेदपोशों की भी नींद उड़ा दी है। करोड़ों के इस घोटाले में पिछली सरकार की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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मामले में भाजपा सरकार के कड़े रुख के बाद ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन भी सकते में है। दो दिन पूर्व ही जिले में आए जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने मामले में गंभीर रुख अपना कर जांच के दायरे से बाहर अपने प्रशासनिक राजपत्रित अधिकारियों की भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। वहीं एसएसपी सदानंद दाते भी मामले को लेकर सक्रिय हो गए हैं, उन्होंने निलंबित अफसरों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई का फार्मेट तैयार करना शुरू कर दिया है।

बता दें, पीसीएस अधिकारियों की गिरफ्तारी से पूर्व लंबी कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होती है, जिसके लिए जिला प्रशासन अभी से जुट गया है। निकट भविष्य में सीबीआई की टीम कभी भी अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए यहां पहुंच सकती है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। इसीलिए निलंबित अधिकारियों की गिरफ्तारी से संबंधित सभी कागजी कार्यवाहियां पूरी करने की कवायद शुरू हो गई है।

वहीं, माना जा रहा है कि सीबीआई जांच से इस घोटाले की कई परतें खुलकर सामने आ सकती हैं। इसमें न सिर्फ जिले के कई अफसर और कर्मचारी बल्कि कई सफेदपोश और भूमाफिया भी बेनकाब होंगे। पूर्व कांग्रेस सरकार में वरिष्ठ पदों पर रहे रसूखदारों के खास लोगों को भी सीबीआई जांच के घेरे में ले सकती है। ऐसे में फिलहाल यह तय है कि इस महाघोटाले में कई अधिकारियों पर गाज गिरेगी।

सस्पेंड अधिकारियों की लिस्ट के मामले में सीबीआई का फॉर्मेट तैयार किया जा रहा है। पूछताछ के लिए सीबीआई आरोपी पीसीएस अफसरों की गिरफ्तारी कर सकती है। उससे पहले जिले की पुलिस फॉर्मेट पूरा कर लेगी। कानूनी प्रक्रिया के तहत जो भी गिरफ्तारी की कार्रवाई होनी है वह पहले से ही पूर्ण कर ली जाएगी। एसआईटी की लिखित कार्रवाई भी सीबीआई को सौंपी जाएगी। 

- डा. सदानंद दाते, एसएसपी

मामला में भले ही सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई हो लेकिन निचले स्तर के अफसरों ने पटवारी से लेकर तहसीलदार और कानूनगो तक जो घपला किया है उसकी जांच पड़ताल जिला प्रशासन अपने स्तर से भी कर रहा है। इस मामले में सीबीआई जो भी कार्रवाई करेगी जिला प्रशासन उसमें पूरा सहयोग करेगा। 
- डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम

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