एनएच 74 घोटाला: एसआईटी की दूसरी रिपोर्ट बढ़ाएगी निलंबित अफसरों की मुश्किल
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एनएच घोटाले में एसआईटी जांच के बाद निलंबित हुए आईएएस पंकज पांडे और चंद्रेश यादव की मुश्किलें एसआईटी की दूसरी रिपोर्ट से बढ़ सकती हैं। एसआईटी ने दोनों अफसरों के खिलाफ आर्बिटेशन मामले से जुड़े कुछ और लोगों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की है।
एसआईटी ने दस जुलाई को आईएएस पंकज पांडे और चंद्रेश यादव के खिलाफ शासन को पहली रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में एसआईटी ने पंकज पांडे के खिलाफ सरकारी भूमि को निजी दर्शाकर मुआवजा निर्धारण करने और चंद्रेश यादव पर कृषि भूमि पर अकृषि दर से मुआवजा निर्धारण करने का आरोप तय किया था।
रिपोर्ट शासन को भेजने के बाद भी एसआईटी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाना जारी रखा। इसके लिए एसआईटी ने दोनों आईएएस अफसरों के कार्यकाल में तैनात रहे पेशकार से पूछताछ की और आर्बिट्रेशन के मामलों में पैरवी करने वाले एनएचएआई और तत्कालीन एसएलओ के कुछ वकीलों के साथ सरकारी भूमि पर मुआवजा लेने वाले कुछ किसानों से भी गहन पूछताछ कर बयान दर्ज किये। सूत्रों के अनुसार इस पूछताछ में एसआईटी को दोनों अफसरों के खिलाफ और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। बयानों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट को भी एसआईटी शासन को भेजने की तैयारी कर रही है।
तीसरी चार्जशीट होगी महत्वपूर्ण
एनएच घोटाले में अब एसआईटी जल्द ही तीसरी चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर सकती है। पहली चार्जशीट एसआईटी ने तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह की गिरफ्तारी के बाद और दूसरी निलंबित पीसीएस अधिकारी अनिल शुक्ला की गिरफ्तार के बाद।
अब एसआईटी को एक नायब तहसीलदार और पीसीएस अधिकारी के खिलाफ आठ अक्तूबर से पहले चार्जशीट दाखिल करनी है। इसमें एसआईटी किसानों के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल करेगी और अभियोजन आदेश मिलने के बाद आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी इसी दौरान आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है।
अभियोजन आदेश मिला तो नपेंगे किसान और नेता
एनएच घोटाले में सरकारी भूमि के मामलों में निर्णय देने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ अगर एसआईटी को अभियोजन स्वीकृति मिल जाती है तो इससे सरकारी भूमि पर मुआवजा लेने वाले कुछ किसानों के साथ ही कुछ नेताओं की गर्दन नपना भी तय है। एसआईटी जांच में आईएएस अधिकारी द्वारा सरकारी भूमि के मामलों में दिये गये फैसलों में किसानों के साथ ही कुछ नेताओं को भी करोड़ों का आर्थिक लाभ मिलने की पुष्टि हुई है।
एक निलंबित आईएएस के खिलाफ अभियोजन आदेश लेने की तैयारी में एसआईटी
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी अब निलंबित आईएएस अधिकारी पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव के खिलाफ अभियोजन आदेश लेने की तैयारी में जुट गई है। इनमें एक के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन स्वीकृति मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दर्शाने और अवैध कब्जेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई न करने पर एक आईएएस अफसर के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन आदेश मिल सकता है।
एसआईटी की जांच के साथ ही शासन स्तर पर की गई जांच पड़ताल में भी सरकारी भूमि के मामले में अनियमितता बरतने को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत आपराधिक कृत्य की श्रेणी में रखा गया है। इसके आधार पर माना जा रहा है कि एक आईएएस अफसर के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन स्वीकृति मिल सकती है। स्वीकृति मिलती है तो आईएएस की गिरफ्तारी हो सकती है।
पिक एंड चूज के आधार पर नप सकते हैं एनएचएआई अधिकारी
अब एसआईटी ने एनएचएआई अधिकारियों पर भी अपना फोकस कर लिया है। एनएचएआई के तीन पीडी और एक एपीडी के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर एसआईटी ने एनएचएआई मुख्यालय को उनके खिलाफ अभियोजन आदेश लेने के लिए रिपोर्ट भेजी है। जांच में एसआईटी को एनएचएआई के कुछ ऐसे मामले मिले थे, जिनमें एनएचएआई ने कमीशन लेकर बड़े प्रतिकर का भुगतान किया और छोटे प्रतिकर के मामलों को रोक दिया। इन्हीं मामलों को लेकर एनएचएआई आर्बिट्रेशन में भी गई। माना जा रहा है कि पिक एंड चूज के इन्हीं मामलों को लेकर एनएचएआई के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति एसआईटी को मिल सकती है। फिलहाल, एसआईटी एनएचएआई को रिमाइंडर भेजने की तैयारी कर रही है।
भूमि मुआवजा घोटाले में आईएएस अधिकारी पंकज पांडे और चंद्रेश यादव के खिलाफ अनियमितता के साक्ष्य मिलने पर एसआईटी द्वारा शासन को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बीते मंगलवार को शासन ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आईएएस को निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद अब एसआईटी उनके खिलाफ अभियोजन आदेश लेने की तैयारी में जुट गई है। एसआईटी की जांच में आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दर्शाने और भूमि पर जमे अवैध कब्जेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई ना करने का आरोप लगा था और चंद्रेश यादव के खिलाफ नियम विरुद्ध कृषि भूमि पर अकृषि का मुआवजा निर्धारण कर करोड़ों का भुगतान करने के आदेश पारित करने का आरोप लगा था।