एनएच-74 घोटाले में आरोपी बिल्डर प्रिया शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, जमानत पर रिहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्वोच्च न्यायालय ने एनएच 74 घोटाले की आरोपी प्रिया शर्मा को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मार्च 2018 से जेल में बंद प्रिया शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रिया शर्मा ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी प्रिया शर्मा महिला है और मार्च 2018 से पुलिस की कस्टडी में है। उसके खिलाफ चार्ज शीट दाखिल की जा चुकी है और 16 फरवरी 2019 को उसके खिलाफ ट्रायल कोर्ट आरोप भी तय कर चुकी है। प्रिया शर्मा के खिलाफ 26 जनवरी 2018 को रुद्रपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
बता दें कि एलाइड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की एमडी प्रिया शर्मा को बीते वर्ष गुड़गांव के सेक्टर 29 स्थित डीएलएफ मॉल से गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान पुलिस ने कंपनी के ही डायरेक्टर सुधीर चावला को भी गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद प्रिया ने हाईकोर्ट में भी जमानत याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने प्रिया शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। गुरुवार को प्रिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रिया को जमानत दी है।
आरोपी डीपी सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिली
हाईकोर्ट ने एनएच-74 मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह की जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया है। बिल्डर सुधीर चावला की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई एक मार्च को होगी।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। डीपी सिंह ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि वह ऊधमसिंह नगर जिले के पूर्व विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी रहे हैं और वे लगभग पिछले डेढ़ वर्ष से जेल में हैं। कुमाऊं आयुक्त रहे डी सैंथिल पांडियन की जांच में एनएच घोटाला सामने आया था।
जिसके बाद दस मार्च 2017 को ऊधमसिंह नगर के एडीएम वित्त प्रताप शाह ने तत्कालीन राजस्व व चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि एफआईआर में उनका नाम नहीं है। सरकार का कहना था कि एसआईटी की चार्जशीट में डीपी सिंह पर बिल्डर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के साथ मिलकर देवरिया किच्छा ऊधमसिंह नगर में खसरा-261, 272, 273 का इकरारनामा सतनाम सिंह के नाम करने का आरोप है।