2015 शनि का साल, किसी को दिक्कत तो कोई मालामाल
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2015, आठ पूर्णांक के कारण यह साल शनि का प्रतिनिधित्व करता है। इस वर्ष शनि का प्रभाव कुछ राशियों पर जहां धन, पदोन्नति, तीर्थयात्रा योग जैसे शुभ फलों की वजह बनेगा, वहीं कुछ राशियों को आमदनी समेत जीवनचर्या के लिए कठोर संघर्ष से गुजरना होगा।
आर्थिक परेशानियां, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बनी रह सकती हैं। राजनीतिक पार्टियों के लिए जरूर यह वर्ष अच्छा रहेगा। कुल मिलाकर ज्योतिषी वर्ष 2015 के कभी खुशी, कभी गम वाला रहने की संभावना जता रहे हैं। आचार्य भरतराम तिवारी के मुताबिक विभिन्न राशियों पर यह रहेगा असर:
मेष: वर्षभर शनि की दृष्टि रहेगी। मानसिक तनाव और घरेलू उलझनें बनी रहेंगी, लेकिन बृहस्पति की शुभ दृष्टि होने से बिगड़े कार्य बनेंगे।
वृषभ: वर्षभर शनि की मित्र दृष्टि रहेगी। कठिन परिस्थिति के बाद आय के साधन बनते रहेंगे। कार्य व्यवसाय की नवीन योजनाएं बनेंगी और बिगड़े कार्यों में सुधार के साथ धन लाभ होगा।
मिथुन: इस वर्ष भाग्य में उन्नति होगी। आय में अच्छी बढ़ोतरी रहेगी और प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क बढ़ेगा। लेकिन स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
कहीं धन लाभ तो कहीं वाहन सुख
कर्क: इस राशि में बृहस्पति का संचार हो रहा है। इससे धन लाभ प्राप्त होगा एवं आय के स्रोत बढ़ेंगे। बृहस्पति उच्च राशि में होने से भूमि और वाहन सुख मिलेगा।
सिंह: आय कम होगी, जबकि खर्चा आय से अधिक होगा। जुलाई के बाद बिगड़े कार्य बनेंगे और धन लाभ के साथ मान सम्मान प्राप्त होगा। वर्ष सामान्य रहेगा।
कन्या: इस राशि में राहु का संचार होने से संघर्ष के बाद धन प्राप्ति होगी। आय कम और खर्च अधिक होंगे। स्वास्थ्य पर खास ध्यान दें।
तुला: शनि उच्च स्तर का रहेगा, जिससे उन्नति के अवसर मिलेंगे। धन लाभ होगा और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, लेकिन भागदौड़ अधिक रहेगी।
वृश्चिक: बृहस्पति की शुभ दृष्टि होने से इस राशि के लोगों को लाभ मिलेगा। कठिन परिस्थितियों के बाद भी सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे।
धनु: इस राशि का स्वामी बृहस्पति होने से पदोन्नति के योग बन रहे हैं। धन लाभ एवं धार्मिक रुचि बढ़ेगी। मानसिक तनाव रहेगा और खर्च ज्यादा होगा।
मकर: बृहस्पति और शनि दोनों की अच्छी दृष्टि इस राशि पर है। वर्ष सामान्य रहेगा। संघर्ष अधिक रहेगा, लेकिन कार्य सफल होंगे। प्रियजनों, बंधुओं से मुलाकात होगी। पारिवारिक उलझनें रहेंगी।
कुंभ: कठिन परिस्थिति रहेगी, लेकिन बिगड़े कार्य बनेंगे। भूमि लाभ एवं वाहन सुख मिलेगा। नवीन कार्यों की योजना बनेगी। घर में धार्मिक आयोजन होगा।
मीन: धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। तीर्थ यात्रा के योग हैं। क्रोध पर नियंत्रण रखें। बिगड़ते कार्यों में सफलता मिलेगी।
8, 17, 26 को जन्मे लोगों पर बरसेगा लाभ
2015=2+0+1+5=8। आठ मूलांक का प्रतिनिधित्व करता है शनि ग्रह। यानी वर्ष 2015 उन जातकों के लिए शुभ फलदायी होगा जिनका जन्म आठ, 17 या 26 तारीख को हुआ है। अंक ज्योतिष के लिहाज से शनि की विशेष कृपा इन लोगों पर बनी रहेगी।
अंक ज्योतिषी पं. राजेश शर्मा बताते हैं कि इस वर्ष आठ मूलांक वाले लोग शत्रुओं को हराने के लिए अनेक प्रयास करेंगे और सफल होंगे। राजनीति में स्पष्ट कहने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। नया साल खतरों से भरा रहेगा और अनेक राजनीतिक परेशानियों का सामना सत्तापक्ष को करना पड़ेगा।
रियल इस्टेट एवं प्रापर्टी डीलिंग के कामों में तेजी के योग हैं। शर्मा बताते हैं कि शनि ग्रह के प्रति अनेक आख्यान पुराणों में मिलते हैं। शनि को सूर्य पुत्र माना जाता है, साथ ही पितृ शत्रु भी। शनि ग्रह के संबंध में अनेक भ्रांतियां हैं। यही कारण है कि शनि को मारक, अशुभ और दुख कारक माना जाता है।
पाश्चात्य ज्योतिषी भी शनि को दुख देने वाला मानते हैं। लेकिन शनि उतना अशुभ और मारक नहीं है, जितना उन्हें माना जाता है। लेकिन सच तो यह है कि शनि प्रकृति में संतुलन पैदा करता है और हर प्राणी के साथ न्याय करता है। जो लोग अनुचित विषमता और अस्वाभाविक समता को आश्रय देते हैं, शनि केवल उन्हीं को प्रताड़ित करता है।