साल 2020 में उत्तराखंड के विकास को ध्यान में रखकर लिए गए ये 10 संकल्प
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यदि यूपीसीएल की योजना परवान चढ़ी तो साल-2020 में राजधानी में बिजली के तारों का जाल खत्म हो जाएगा। योजना के तहत राजधानी दून की सभी बिजली लाइनों को भी भूमिगत किया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने यूपीसीएल को 510 करोड़ रुपये का लोन देने को सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
यूपीसीएल की ओर से 510 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर एडीबी को भेज भी दिया गया है। योजना के पहले चरण में हरिद्वार रोड, जीएमएस रोड, चकराता रोड, सुभाष रोड, राजपुर रोड समेत 40 फीसदी इलाकाें की लाइनोें को भूमिगत किया जाएगा।
उत्तराखंड ट्रांसमिशन स्ट्रेंथनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (यूटीएसडीआईपी) के तहत राजधानी दून के अलावा ऋषिकेश, हरिद्वार समेत कई शहरों की बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाना है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए 510 करोड़ का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर एडीबी को भेज दिया गया है। प्रस्ताव को एडीबी ने सैद्धांतिक सहमति भी दे दी है। इसी योजना के तहत हरिद्वार महाकुंभ के मद्देनजर समेकित विकास कार्यक्रम के तहत 388 करोड़ रुपये की लागत से हरिद्वार की बिजली लाइनाें को भूमिगत करने का काम शुरू कर दिया गया है।
शहर में बिजली लाइनों की स्थिति
- 33 केवी की लाइन - 100 किलोमीटर
- 11 केवी की लाइन - 400 किलोमीटर
- एलटी लाइन - 3076 किलोमीटर
इतने किलोमीटर लाइनें होंगी भूमिगत
- 33 केवी लाइन -100 किमी
- 11 केवी लाइन -150 किमी
- एलटी लाइन - 200 किलोमीटर
देहरादून में विद्युत लाइनों को जल्द ही भूमिगत किया जाएगा। इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से 510 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक सहमति भी दे दी गई है। उम्मीद है कि साल-2020 में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। ऐसा होने से बिजली चोरी को कम तो किया ही जा सकेगा, उपभोक्ताओं को सुरक्षित बिजली मिलेगी।
- शैलेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, दून यूपीसीएल
दून को आदर्श नगर निगम बनाएंगे
नगर निगम ने बीते वर्ष सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ मेगा अभियान समेत कई कार्य किए। ऐसे में वर्ष 2020 के लिए चुनौतियां और बढ़ गई हैं। नगर निगम का मुख्य काम शहर को साफ-सुथरा रखना है, ऐसे में यह हमारी पहली प्राथमिकता रहेगी। निगम में शामिल 32 नए वार्डों में अगले तीन महीने के भीतर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था पीपीपी मोड पर शुरू करने की योजना है। सफाई निरीक्षक, सुपरवाइजर और कर्मचारी वर्दी में दिखाई दें, इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा 100 वार्डों में ओपन जिम, 10 वेंडिंग जोन, देहरादून को बिन फ्री सिटी बनाना, स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में सुधार करना, मौजूदा समय में वसूले जा रहे हाउस टैक्स से दोगुना राजस्व वसूली का संकल्प है। पूरा विश्वास है कि जन सहयोग से तय संकल्पों को पूरा किया जाएगा।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त
दून को स्मार्ट और सुंदर बनाएंगे
वर्ष 2019 हमारे लिए यादगार रहा। प्लास्टिक के खिलाफ मेगा अभियान चलाते हुए 50 किमी लंबी मानव शृंखला बनाकर इतिहास रचा गया। साफ-सफाई व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया। अब उससे बेहतर करने की चुनौती है। देहरादून को देश के सबसे बेहतर नागरिक सुविधा वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सभी वार्डों को स्मार्ट सिटी में शामिल कर लिया गया है। सुंदर दून-स्मार्ट दून की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के संकल्प पर काम किया जाएगा। आम आदमी से जुड़ी बिजली, पानी, सड़क, कूड़ा निस्तारण, साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हाउस टैक्स, कॉमर्शियल टैक्स की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जा रहा है। नए वार्डों में सफाई व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए स्वच्छता समिति में 200 कर्मचारी बढ़ाए जाएंगे। उन्हें रोजाना 275 रुपये के हिसाब से भुगतान होगा। लोग आयुष्मान कार्ड का लाभ ले सकें, इसके लिए नगर निगम की ओर से मेगा शिविर लगाया जाएगा। निगम के हर काम में जनता का पूरा सहयोग मिला है। वर्ष 2020 में भी जनसहयोग से संकल्पों को पूरा करेंगे।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर देहरादून
शानदार होगी पार्कों की सैर
नगर निगम क्षेत्र में 2020 में पार्कों की सैर शानदार होगी। गांधी पार्क में लोग सैर-सपाटे के साथ ही जिम, खाने और लेजर लाइट शो का भी लुत्फ उठाएंगे। इसके लिए टिकट की व्यवस्था की जाएगी। अमृत योजना के तहत गांधी पार्क समेत शहर में चार पार्क बनकर तैयार हो जाएंगे। मौजूदा समय की बात करें तो निगम के पास 100 से अधिक पार्क हैं। जिन्हें फिर से सजाया-संवारा जा रहा है।
गुड गवर्नेंस हमारी प्राथमिकता
प्रदेश में गुड गवर्नेंस को लेकर हमारी प्राथमिकता बनी रहेगी। राष्ट्रीय स्तर पर सुशासन में उत्तराखंड की रैंकिंग अच्छी है। वर्ष 2020 में सुशासन पर हमारा फोकस और बढ़ेगा, साथ ही विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। प्रदेश में निवेश को आकर्षित कर रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने पर कार्य किया जाएगा। नए वर्ष में दो बड़े आयोजनों महाकुंभ और 38 वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी पूरी करनी है। इसके लिए तय डेडलाइन से पहले हमें कार्य पूरे करने हैं। इसी के साथ प्रदेश के आर्थिक संसाधनों को बढ़ाने के लिए तैयार रोडमैप को धरातल पर उतारा जाएगा।
- उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव
मरीजों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, महत्वपूर्ण योजनाओं पर होगा काम
नए साल में स्वास्थ्य विभाग जिले में मरीजों की सेहत को लेकर विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम करने जा रहा है। अटल आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने में और तेजी लाने, कुआंवाला में 300 बेड के कैंसर अस्पताल का निर्माण, सुदूर क्षेत्र के मरीजों को सहज चिकित्सा सुविधा और सेलाकुई स्थित राजकीय मानसिक अस्पताल को 100 बेड करने की योजनाएं इस साल पूरी होनी हैं। ऋषिकेश स्थित एम्स में कैंसर के इलाज के लिए एक और रेडियोथैरेपी की मशीन लगाने का भी संकल्प लिया गया है।
इसी तरह एम्स में ऑपरेशन थियेटर की संख्या 36 से बढ़कर 50 करने की योजना है। जिले की मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि नए साल में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य होना है। अटल आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने में और तेजी लाएगी। दूरस्थ क्षेत्रों तक टेलीमेडिसन के जरिये उच्च चिकित्सा व जांच आदि की सुविधा के लिए जिले में करीब 165 वेलनेस सेंटर बनाए जाने हैं।
ये होंगे मुख्य कार्य
- अटल आयुष्मान के गोल्डन कार्ड बनाने में आएगी तेजी।
- कुआंवाला में 300 बेड के कैंसर अस्पताल का निर्माण।
- मसूरी में सीएचसी और सेंट मैरी अस्पताल को मिलाकर सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का निर्माण।
- एनएचएम के तहत बनेंगे करीब 165 वेलनेस सेंटर।
- सेलाकुई स्थित राजकीय मानसिक अस्पताल को 30 बेड से बढ़ाकर 100 बेड का करने का प्रस्ताव।
- कोरोनेशन अस्पताल में 100 अतिरिक्त बेड बढ़ाने के लिए नई बिल्डिंग का निर्माण पूरा करना।
घरेलू क्रिकेट में बदलाव के लिए अहम है नया साल
सीएयू की ओर से उत्तराखंड में खिलाड़ियों के लिए स्कॉलरशिप योजना लागू की गई है। यह योजना लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है। इस साल इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया जाएगा। मार्च या अप्रैल माह तक योजना शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा जो धन के अभाव में कोचिंग नहीं ले पाते हैं। इस प्रोग्राम से उत्तराखंड घरेलू क्रिकेट में तेजी से बदलाव आएगा और क्रिकेट में सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही इस वर्ष राज्य में महिला क्रिकेट को भी विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके लिए खास योजना बनाई जा रही है।
- बीसीसीआई
पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ेंगी ढांचागत सुविधाएं
देहरादून जिले में पर्यटन के क्षेत्र में ढांचागत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पलायन रोकने और पर्यटन को बढ़ावा देने की होम स्टे योजना पर जहां विभाग का फोकस रहेगा। वहीं, नए पर्यटन क्षेत्र विकसित करने, पुराने स्थलों का सौंदर्यीकरण और उनका विकास संकल्प में हैं।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति के साथ रोजगार के साधन उपलब्ध कराने पर भी विभाग का फोकस रहेगा। मसूरी कार्निवाल में राज्य के स्थानीय और पर्वतीय लोक कलाकारों को भी परफार्मेंस के लिए अधिक से अधिक मौका दिया जाएगा।
ये होंगे प्रमुख कार्य
150 नए होम स्टे का पंजीकरण।
लाखामंडल को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
मसूरी-देहरादून के बीच रोप-वे का निर्माण
गुच्चूपानी पर्यटक स्थल पर क्षतिग्रस्त पार्किंग के पुश्ते का निर्माण और रेलिंग बनाएंगे।
सहस्त्रधारा में पर्यटन विभाग की संपत्तियों का विकास और सौंदर्यीकरण।
इठारना (डोईवाला) में पर्यटकों के आकर्षण के लिए झील का निर्माण।
चकराता में रामताल गार्डन का निर्माण
मालदेवता पर्यटन स्थल बनेगा एडवेंचर हब
जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि मालदेवता को एडवेंचर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्ष 2019 में भी मालदेवता में पैरा ग्लाइडिंग के लिए लाइसेंस दिया गया था। नए साल में इसे और बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा यहां रॉक क्लाइंबिंग को भी विकसित किया जाना है। स्थानीय युवाओं को रॉक क्लाइंबिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शहर से कुछ दूर पहाड़ी और पेड़ पौधों के बीच होने के चलते मालदेवता को शानदार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा पैरा ग्लाइडिंग और रॉक क्लांबिंग के लिए भी यह अनुकूल स्थान है।
जन-जन तक सेवाएं पहुंचाने का संकल्प
देहरादून। इस साल के लिए मेरा संकल्प यही रहेगा कि प्रत्येक व्यक्ति तक सभी प्रकार की सेवाएं पहुंचे। अधिकारियों तक उनकी पहुंच आसानी से हो। गढ़वाल मंडल के सभी जिलों में प्राथमिकता रहेगी कि किसी भी प्रकार की समस्या को अधिकारी सुनें और उनका हल करने के लिए भरसक प्रयास करें। इसके अलावा चारधाम यात्रा भी प्राथमिकताओं में रहेगी। पिछले वर्ष भी यात्रा का संचालन बहुत अच्छे ढंग से हुआ था, लेकिन जिस स्थान पर थोड़ी बहुत चूक रही उसे सुधारा जाएगा। सभी पहाड़ी जनपदों में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना भी बहुत बड़ी चुनौती है। इसे नए साल की प्राथमिक चुनौती के रूप में लिया है। ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
-रविनाथ रमन, कमिश्नर गढ़वाल