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देहरादून: मील का पत्थर साबित होगी नई शिक्षा नीति - डॉ. मोहनन
Sat, 21 Aug 2021 03:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 03:08 PM IST
सार
डीएवी पीजी कॉलेज के टीचर एजुकेशन विभाग और काउंसिल फॉर एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट (सीम) उत्तराखंड चेप्टर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सम्मेलन के पहले दिन शुक्रवार को मुख्य वक्ता डॉ. मोहनन ने यह बात कही।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी व नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के पूर्व प्रोफेसर एवं अकादमिक लीडरशिप ग्रुप ‘थिंक’ के सह-संस्थापक डॉ. केपी मोहनन ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 वर्तमान परिपेक्ष में मील का पत्थर साबित होगी। देश के हर क्षेत्र और हर वर्ग का व्यक्ति इससे लाभान्वित होगा।
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डीएवी पीजी कॉलेज के टीचर एजुकेशन विभाग और काउंसिल फॉर एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट (सीम) उत्तराखंड चेप्टर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सम्मेलन के पहले दिन शुक्रवार को मुख्य वक्ता डॉ. मोहनन ने यह बात कही।
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उन्होंने ‘बहुलवादी समाज में समकालीन शिक्षण शिक्षाशास्त्र’ पर आयोजित सम्मेलन को बदलते वैश्विक परिवेश के मद्देनजर बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली छात्रों को विश्व पटल पर समावेशी बनने में मदद करेगी। दयानंद शिक्षा संस्थान के महासचिव मानवेंद्र स्वरूप ने कहा कि समकालीन शिक्षण को रोजगारपरक बनाने पर भी हमें ध्यान देना चाहिए। प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना ने बहुलवादी शिक्षा पर जोर देते हुए इसे 21वीं सदी की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।
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सम्मेलन में डॉ. हरी प्रिया पाठक, आस्ट्रिया से जुड़ीं प्रो. स्टेफनी मारिया एगर, पुर्तगाल के प्रो. लुइस मिगयूल कारदोसो, डॉ. चेतना थापा, प्रो. केसांग देगी, लयला जेकब, डॉ. गीथा गोपीनाथ, डॉ. रिंकी, डॉ. शनोली चक्रबर्ती आचार्य और डॉ. पूजा वालिया ने भी विचार रखे। इस दौरान डॉ. उषा पाठक, प्रो. रमा मेखुरी, प्राचार्य डॉ. आरती दीक्षित, डॉ. वीएमएससी कुमार, डॉ. रश्मि धर, डॉ. सविता रावत, डॉ. पूनम मिश्रा, डॉ. रीना उनियाल तिवारी मौजूद रहे।