पठानकोट हमले से उत्तराखंड में नेपाल सीमा अलर्ट
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पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद उत्तराखंड प्रदेश की नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पहले से ही सीमा पर सख्त चौकसी बरत रहे एसएसबी जवानों ने रविवार सुबह से गश्त तेज कर दी है।
एसएसबी के जवानों ने उपनिरीक्षक संग्राम सिंह के नेतृत्व में तालेश्वर, झूलाघाट, बलतड़ी में सशस्त्र गश्त की। सीमा पर स्थित एसएसबी के सभी बार्डर आउटपोस्ट के जवानों को सक्रिय कर दिया गया है। रात में भी पेट्रोलिंग की जा रही है।
उधर, धारचूला क्षेत्र में जौलजीबी से लेकर पांगला तक एसएसबी की गश्त तेज हो गई है। झूलापुलों पर नेपाल से आने वालों और नेपाल जाने वालों की चेकिंग की जा रही है।
पिथौरागढ़ जिले के झूलाघाट में एसएसबी 55वीं वाहिनी डी कंपनी के हेड कांस्टेबल धीरज जोशी, कांस्टेबल ईश्वर चंद, कमल किशोर, आशीष कुमार दुबे, मिंटू गौड़ आदि ने पूरे इलाके में रातभर गश्त की। थाना पुलिस ने प्रभारी पीसी मेलकानी के नेतृत्व में अलग-अलग टुकड़ियां बनाकर कानड़ी से आगे के इलाके में गश्त की।
महाकाली के किनारे सख्त निगरानी
एसपी रोशन लाल शर्मा ने सीमा पर स्थित सभी थानों के जवानों को सतर्कता बरतने को कहा है। एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि महाकाली के किनारे सख्त निगरानी रखी जा रही है, यदि किसी ने अवैध तरीके से सीमा में घुसने का प्रयास किया तो उसे तत्काल पकड़ लिया जाएगा।
बनबसा (चंपावत) में भी बार्डर पर भी सतर्कता बरती जा रही है। चंपावत के एसपी डीएस कुंवर ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पहले से ही सतर्क हैं। गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी तक सुरक्षा एजेंसियां खुफिया तंत्र पुलिस के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र की निगरानी करेंगे।
बताया कि इस दौरान एसएसबी का श्वान दस्ता भी निगरानी में सहयोग देगा। एसएसबी के आईजी श्याम सिंह ने भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी को सतर्कता रहने और सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।
एसएसबी 57वीं वाहिनी के कमांडेंट केसी राना ने बताया कि अन्य सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों के साथ तालमेल से सीमा पर निगरानी की जा रही है। अन्य एजेंसियों से सूचनाएं साझा कर संदिग्ध, अनजान व्यक्तियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।