फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   navratri puja in dehradun.

आज दोपहर तक कर लें अष्टमी पूजन

Thu, 02 Oct 2014 11:10 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 02 Oct 2014 11:10 AM IST
विज्ञापन
navratri puja in dehradun.

शारदीय नवरात्र आज (गुरुवार) संपन्न हो रहे हैं। गुरुवार को दुर्गा अष्टमी है। अष्टमी तिथि दोपहर 12:08 बजे तक बनी रहेगी। इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी। यह शुक्रवार को सुबह 9.58 तक रहेगी। दशहरे की पूजा शुक्रवार दोपहर में होगी।

विज्ञापन


दशहरे की पूजा शुक्रवार को
जो श्रद्धालु नवमी पूजन शुक्रवार को करना चाहते हैं वह प्रात: 9:58 बजे से पहले पूजन कर नवरात्र पूजा का समापन करें।
नवरात्र के लिए बैठाए गए देवी भागवत के पाठ सायंकाल समाप्त किए जा सकते हैं।

जिन घरों में अष्टमी की कन्याएं जिमाई जाती हैं वह दोपहर 12:08 बजे से पहले कन्याएं जिमा लें। नवमी तिथि मनाकर समापन करने के लिए गुरुवार सायंकाल का समय उपयुक्त रहेगा।
विज्ञापन


अलबत्ता शुक्रवार सुबह 9:58 बजे तक भगवती के पाठ उठाकर यज्ञ किया जा सकता है। दशहरा पूजन इसी दिन दोपहर में होगा।

मंदिरों में दिनभर पूजा
भगवती के सभी मंदिरों में बुधवार को सप्तमी तिथि की पूजा-अर्चना हुई। मनसा देवी, चंडी देवी, माया देवी, सुरेश्वरी देवी, दक्षिण काली आदि मंदिरों में विधि विधान के साथ कालरात्रि की पूजा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरेश्वरी देवी में चल रहा शतचंडी यज्ञ गुरुवार को महाभोज के साथ संपन्न होगा। अन्य यज्ञ भी अष्टमी और नवमी एक साथ मनाते हुए गुरुवार को संपन्न हो रहे हैं।

अष्टमी-नवमी पूजन के लिए दिनभर हुई कन्याओं की खोज
दरवाजे पर दस्तक देकर पूछा आपके यहां कन्या है क्या? कल पूजा के लिए आप भेज देंगे। कुछ इसी तरह का माहौल बुधवार को शहर के कई गली-मोहल्लों में देखने को मिला। गुरुवार को अष्टमी-नवमी पर पूजन के लिए महिलाएं पहले दिन ही आसपास कन्याएं खोजने निकल पड़ीं।

पूजन के लिए किसके घर कितने बजे पहुंचना है, यह भी पहले दिन ही तय कर लिया गया। ताकि पूजा के वक्त तैयारियां धरी की धरी न रह जाएं। स्थिति तो लोग कन्याओं को खोजते हुए आश्रमों तक पहुंच गए।

अष्टमी-नवमी की पूजा के लिए कन्याओं का मिलना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। यही वजह है कि पहले लोग आस पड़ोस में बच्चियों को ढूंढने निकले, लेकिन जब यहां से निराशा हाथ लगी तो आसपास के आश्रमों और मंदिरों का रुख किया। शहर के आश्रमों से लोगों ने कन्या जिमाने के लिए समय ले लिया है।

करीब 20 परिवार आश्रम में बच्चियों को जिमाने के लिए ले जाने को आ चुके हैं। शहर के अलग-अलग कोनों पर बच्चियों को भेज पाना संभव नहीं है। हालांकि माजरा सहित आसपास के क्षेत्र में एक व्यक्ति की जिम्मेदारी के साथ बच्चियों को भेजा जाएगा। इसके अलावा लोग आश्रम में भी कन्या जिमाने आएंगे।
- कल्पना, संचालिका (स्वद्धार आश्रम)

बच्चियों में खासा उत्साह
अपना घर आश्रम में रहने वाली तीन साल की जीविका हो या स्वद्धार आश्रम में रहने वाली सवा तीन साल की पायल, दोनों ही ने पूजन के लिए अपनी तैयारी कर ली है। कपड़े प्रेस कर रखे हैं।


बार-बार संचालिका से यही पूछ रहे हैं कि हम गुरुवार को सुबह सबसे पहले कहां जाएंगे। इसी तरह यहां रहने वाली सभी बच्चियां उत्साहित हैं।

उपहार में छोटा भीम, स्माइली प्लेट

बच्चियों की तैयारी खास है, तो जाहिर है कि उन्हें पूजन के बाद मिलने वाला उपहार भी कुछ खास होगा। नवरात्र पूजन पर कन्याओं को देने के लिए छोटा भीम और स्माइली प्लेट विशेष रूप से बाजार में आई हुई है।

इंदिरापुरम के दुकानदार रविंद्र ने बताया कि पहली बार इस तरह के आइटम आए हैं, यह बेहद पसंद किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed