चार साल बाद कुलदेवी की पूजा के लिए पैतृक गांव पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल, खुशी से झूम उठे ग्रामीण
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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शुक्रवार को निजी दौरे पर मंडल मुख्यालय पौड़ी पहुंचे। वे शनिवार को अपने पैतृक गांव घीड़ी रवाना होंगे, जहां वे कुलदेवी बाल कुंवारी देवी की आराधना कर दिल्ली लौट जाएंगे। देश के दोबारा एनएसए बनने के बाद डोभाल पहली बार पैतृक गांव आए हैं।
पौड़ी पहुंचने पर अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की। जनपद पौड़ी की बनेलस्यूं पट्टी स्थित घीड़ी गांव में 20 जनवरी 1945 को जन्मे अजीत डोभाल वर्ष 1968 बैच के केरल कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें वर्ष 2014 में देश का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया था। एनएसए बनने के बाद वे वर्ष 2014-15 में निजी दौरे पर पैतृक गांव पहुंचे थे। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने डोभाल को तीन जून को दोबारा एनएसए की जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया।
उनके गांव घीड़ी में उनके आगमन से ग्रामीणों में खासा उत्साह है। जानकारी के मुताबिक उनके सर्किट हाउस पहुंचने पर आयुक्त गढ़वाल डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने उनसे मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक एनएसए अजीत डोभाल शनिवार को सुबह अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचेंगे। यहां कुलदेवी बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना करेंगे। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि एनएसए डोभाल का यह निजी दौरा है।
वे शनिवार की सुबह वे अपने पैतृक गांव घीड़ी में कुल देवी की पूजा-अर्चना कर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। एनएसएस डोभाल के अपने गांव घीड़ी पहुंचने की सूचना पर ग्रामीण खासे उत्साहित हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अजय डोभाल ने बताया कि गांव में कुलदेवी की पूजा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।