{"_id":"58a324064f1c1b110dd841f8","slug":"narcotics-control-raided-on-medical-store","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिद्वार में मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिद्वार में मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापे
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Tue, 14 Feb 2017 09:11 PM IST
विज्ञापन
Narcotics raid
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव आयोग के निर्देश पर हरिद्वार में मनो प्रभावी पदार्थ होने की सूचना पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और ड्रग कंट्रोलर की टीम ने शहर के मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। शहर एवं कस्बों के मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी में ऐसा कोई भी पदार्थ न मिलने पर टीम खाली हाथ लौट गई।
विज्ञापन
मंगलवार को शहर में दिल्ली से एनसीबी की टीम छापेमारी के लिए पहुंची। टीम को संदेह था कि मतदान को प्रभावित करने के लिए मनो प्रभावी पदार्थ का उपयोग हो सकता है। इसको लेकर ड्रग कंट्रोलर नीरज कुमार के नेतृत्व में एनसीबी की टीम ने चंद्राचार्य चौक पर स्थित दो मेडिकल स्टोर पर जांच की।
विज्ञापन
करीब घंटे भर चली जांच में ऐसा कोई संदेहास्पद पदार्थ नहीं मिला। इसके बाद टीम सुलतानपुर एवं लक्सर में पहुंची और वहां पर मेडिकल स्टोरों पर जांच की, लेकिन वहां पर भी ऐसा कोई पदार्थ नहीं मिला। हालांकि मेडिकल स्टोर पर दवाओं का रखरखाव सही नहीं मिला। जिस पर उन्हें 15 दिन में व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
यह होता है मनो-प्रभावी पदार्थ
मनो-प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) नारकोटिक ड्रग एवं सायकोट्रोपिक सब्सटेंस के तहत प्रतिबंधित है। एमडीएमए उर्फ मौली उर्फ एक्स्टेसी एक मनोप्रभावी पदार्थ है। ड्रग कंट्रोलर नीरज कुमार ने बताया कि ये पदार्थ क्रिस्टल या टेबलेट के रूप में नशे के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसका प्रचलन डिस्को थैक और रेव पार्टियों में किया जाता है। लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने पर मस्तिष्क की तंत्रिकाओं पर बुरा असर पड़ता है। दस ग्राम एमडीएमए की कीमत एक लाख रुपये है।