भूस्खलन से यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे बंद, नंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से बस्तियां कराई गई खाली
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उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद जगह-जगह हुए भूस्खलन से यमुनोत्री व गंगोत्री हाईवे सहित कई लिंक मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। ओजरी डबरकोट में भूस्खलन होने के कारण तीर्थयात्रियों व ग्रामीणों को तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है। गंगोत्री हाईवे के नेताला क्षेत्र में भारी मलबा और दलदल होने के कारण एक वाहन फंस गया है। हालांकि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। वहीं वरुणावत में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इंदिरा कालोनी को खाली करा दिया है।
रविवार दोपहर को शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बाद ओजरी डबरकोट में हुए भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे दोपहर करीब दो बजे बाधित हो गया, जिससे यमुनोत्री धाम से लौट रहे करीब 200 तीर्थयात्री जानकीचट्टी की तरफ अपने वाहनों के साथ फंस गए हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा तीर्थयात्रियों व ग्रामीणों को तिर्खली-कुंसाला वैकल्पिक पैदल मार्ग से आवाजाही कराई जा रही है। वहीं पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डर पत्थर के कारण एनएच कर्मचारियों को हाईवे खोलने में दिक्कत आ रही है।
उधर, नेताला क्षेत्र में भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे शाम करीब साढ़े पांच बजे अवरुद्ध हो गया। इस बीच एक कार मलबे में फंस गई। लोगों ने इसमें सवार यात्रियों को सुरक्षित निकाला। वहीं वरुणावत पर्वत के तांबाखानी क्षेत्र से दोबारा भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है, जिसके तहत वरुणावत की तलहटी में खतरे की जद में आई इंदिरा कालोनी को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। प्रभावित हिस्से में गंगोत्री हाईवे पर पुलिस की निगरानी में वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है।
नंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा, 27 परिवारों ने छोड़े घर
वहीं, चमोली के घाट में शनिवार रात को भारी बारिश के दौरान सुतोल गांव के समीप बुग्यालों में बादल फटने से नंदाकिनी का जलस्तर बढ़ गय। पुलिस और तहसील प्रशासन ने बाजार के सालुबगड़ से संगम स्थल, पुराना बाजार और कुमारतोली में लाउडस्पीकर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट रहने की अपील की। नंदाकिनी और चुफलागाड के किनारे के मकानों में निवास कर रहे करीब 27 परिवारों ने मकाल छोड़कर सुरक्षित स्थानों में शरण ली। रात दो बजे नदी का जलस्तर कम होने के बाद लोग घरों में लौटे।
विकास खंड के नंदाक पट्टी के ग्राम पंचायत फाली, कुंतरी, घिंघराण, गरणी, बांजबगड़, भेंटी, लांखी, सरपाणी और सेंती गांव में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लांखी गांव के एनोलीधार में खिलाफ सिंह बिष्ट, अशोक बिष्ट और मनोज बिष्ट के मकान में मलबा घुस गया। गरणी तोक में रणजीत सिंह फरस्वाण का मकान टूट गया। चुफलागाड़ के कटाव से दस मकान खतरे की जद में आ गए। भटियाणा गांव के समीप भी भूस्खलन सक्रिय हो गया है।
गांव के फते सिंह नेगी का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। बांजबगड़ के कठूड़ा तोक में शंभू प्रसाद मैंदोली का मकान टूट गया। सैंती गांव के भेंसोड़ा तोक में विजय प्रसाद जोशी का मकान व भवानी दत्त की गोशाला टूट गई। सरपाणी गांव को भी भूधंसाव से खतरा उत्पन्न हो गया है। स्यांरी गांव को जाने वाला पैदल रास्ता जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। घाट-स्यांरी-बंगाली सड़क अवरुद्ध हो गई। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी।