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नगरपालिका के 20 लाख रुपए गए पानी में
अमर उजाला, मसूरी
Updated Thu, 20 Feb 2014 12:11 PM IST
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मसूरी में नगरपालिका परिषद की विशेष बैठक में बुधवार को तीन प्रस्ताव पारित किए गए। मैसानिक लॉज बस स्टैंड के पास निर्माणाधीन पार्किंग निरस्त कर नए सिरे से डीपीआर बनाने का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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आपदा के बाद पर्यटन विकास और मसूरी झील के ठेके से एमडीडीए के हिस्से की राशि रोकने पर भी सहमति बनी।
गौरतलब है कि मैसानिक लॉज बस स्टैंड के पास निर्माणाधीन पार्किंग को एक होटल के तौर पर बनाया जा रहा था, जिसके लिए पूर्व पालिका बोर्ड की ओर से ठेकेदार को 20 लाख रुपए पेमेंट किया जा चुका है।
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अब तक करीब 65 लाख का काम हो चुका है। बोर्ड ने मौजूदा ढांचे को गिराकर नए सिरे से डीपीआर तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि सभासद अनुज गुप्ता ने सवाल उठाते कहा कि आखिर 20 लाख रुपए की रिकवरी कैसे होगी।
दूसरा प्रस्ताव राज्य में आपदा के बाद पर्यटन पर आधारित रहा। इसमें रोपवे, बेकरी हिल कार पार्किंग, जवाहर एक्वेरियम, कंपनी बाग शामिल हैं।
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तय किया गया कि तीनों ही जगहों के संचालकों के आग्रह पर 51 फीसदी क्षतिपूर्ति में छूट के बाद पालिका की संस्तुति के साथ फैसले के लिए शासन को भेजा जाएगा।
तीसरे प्रस्ताव के मुताबिक अब मसूरी झील के ठेके से एमडीडीए को दिए जाने वाले 7 लाख रुपए नहीं दिए जाएंगे। बैठक में पालिका अधिशासी अधिकारी प्रहलाद सिंह रावत, पालिका सभासद अनुज गुप्ता, रमेश भारती, रमेश भंडारी, शशि रावत, अरविंद रावत, कुलदीप रावत, रामी देवी आदि मौजूद थे।
अधिकारी और पालिका अभियंता असहज
पालिका बैठक में उस वक्त अधिकारी और पालिका अभियंता असहज हो गए। जब मैसानिक लॉज स्थित पार्किंग की फाइल से कई अहम कागज गायब थे। यहां तक की प्रस्तावित पार्किंग का नक्शा ही गायब था।
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हालांकि पालिका में फाइलों का गायब होना और हेराफेरी नई बात नही है। पूर्व में रिकार्ड रूम से कई फाइलें गायब होने की घटनाएं सामने आई हैं। रिकार्ड में हेरा-फेरी तो इस कद्र है कि पालिका द्वारा कई निजी भूखंडों की खाली जमीन पर भवन और गौशालाएं तक दर्शायी गई है।
यह सब काम पालिका द्वारा बिल्डर और भूमाफियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जाना भी आम रहा है। इस पर कई बार सदन में चर्चा भी हुई है। लेकिन हांसिल सिफर ही रहा।