मुनस्यारी की आपदा केदारनाथ के बाद सबसे बड़ी : पूर्व सीएम हरीश रावत
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पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि धापा और टांगा की आपदा ने दिल को दहला दिया है। आपदा क्षेत्रों का मंजर मेरे जेहन में घूमता रहा। आपदा प्रभावितों की चिंता में रात भर सो नहीं पाया। केदारनाथ त्रासदी के बाद मुनस्यारी की आपदा सबसे बड़ी है। इस त्रासदी से राज्य को सबक लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को शीघ्र ही भूवैज्ञानिक और इकोलॉजिकल विशेषज्ञों की टीम भेजकर प्लान तैयार करना चाहिए।
बुधवार को पूर्व सीएम हरीश रावत ने आपदा प्रभावित धारचूला और मुनस्यारी के गांवों का दौर करने के बाद पिथौरागढ़ पहुंचकर पत्रकार वार्ता की। धापा गांव को अन्यत्र बसाने की जरूरत है। वहां अब पुनर्निर्माण संभव नहीं है। खेल मैदानों को भी आपदा ने रोखड़ में बदल दिया है। टांगा, मोरी और लुम्ती में प्रकृति ने कहर बरपाया है। उन्होंने कहा क्षेत्र के 343 गांवों में खतरा बरकरार है। कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। धारचूला का ग्वालगांव वार्ड भी भीषण आपदा का इंतजार कर रहा है।
अभी से कड़े कदम उठाने की जरूरत है, जिस कारण बड़ी त्रासदी को रोका जा सके। सेरा के 176 लोगों को प्राइमरी स्कूल में रखा गया है। वह मुश्किल हालात में रह रहे हैं। कहा जब तक प्रभावितों का विस्थापन नहीं होता है तब तक राहत शिविरों में राहत कैंप बनाकर अस्थायी शेड बनाएं जाएं। आपदा नियमों को बदलने की खासा जरूरत है। उन्होंने बताया कि आपदा नियमों के इतर भी प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करने की जरूरत है। घर तीन लाख में नहीं बन सकते हैं। उन्होंने बेरोजगारों के लिए उपवास करने की बात भी कही।
सीएम आपदा कार्यों को लेकर सीधे दें निर्देश
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सीएम का आपदा क्षेत्रों में न पहुंचना दुखद है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों की स्थिति ठीक नहीं है। सीएम को राहत कार्यों की कमान सीधे अपने हाथ में लेनी चाहिए। जिससे काम तेजी से हो सके।
यह रहे मौजूद
राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक हरीश धामी, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह माहरा, मयूख महर, पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, जिलाध्यक्ष त्रिलोक महर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष ऋषेंद्र महर, प्रदेश उपाध्यक्ष भागीरथ भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मथुरा दत्त जोशी, रमेश कापड़ी, मनोज ओझा, प्रदीप पाल, प्रदेश प्रवक्ता भुवन पांडे, खजान दास, खीमराज जोशी, कांग्रेस महिला अध्यक्ष पदमा बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य अंजू लुंठी, रेवती जोशी।
हमेशा आपदा पीड़ितों के साथ हैं : हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुनस्यारी और बंगापानी के बाद धारचूला तहसील के आपदाग्रस्त ग्वाल गांव, सिनियाखोला, गलाती, कालिका, खुमती और फुलबस्ती के आपदा पीड़ितों का हाल जाना। उन्होेंने कहा वे हमेशा आपदा पीड़ितों के साथ हैं और उनके हित के लिए सदैव संघर्ष करेंगे।
धारचूला दौरे के समय सभी आपदा पीड़ितों से मुलाकात की और उन्होंने मुख्य सचिव को फोन पर लोगों की समस्याएं बताईं। उन्होंने 2013 के मानकों के आधार पर मुआवजा देने की सरकार से मांग की। इस दौरान आन सिंह रोकाया, डूंगर दानू, नंदा बिष्ट, प्रद्युम्न गर्ब्याल, रामू रोकाया और अनिल बिष्ट आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके बाद अस्कोट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। हिनकोट के प्रधान बहादुर बिष्ट, देवल की प्रधान आशा पाल, राज्य आंदोलनकारी वीरजंग पाल, राज्य आंदोलनकारी गोविंद रावत कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। कनालीछीना पहुंचने पर पूर्व सीएम हरीश रावत कनालीछीना में कार्यकर्ताओं से मिले।
इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने की अपील की। बैठक में पूर्व प्रमुख प्रशांत भंडारी, भूपेंद्र सत्याल, निशांत भंडारी, कमलदीप, हरीश भंडारी, कमलेश भंडारी, दिनेश, जीतू भंडारी मौजूद रहे।